राजनगर: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सरायकेला जिला कमेटी के तत्वावधान में केंद्र सरकार के खान एवं खनिज संशोधन (MMDR) बिल के विरोध में राजनगर में एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से सिंहभूम की सांसद जोबा मांझी उपस्थित रहीं।

पत्रकारों को संबोधित करते हुए सांसद जोबा मांझी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार असंवैधानिक कानून लाकर देश के संघीय ढांचे को नष्ट करने पर तुली है। एक ओर ‘विकसित भारत’ का नारा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर गैर-भाजपा शासित राज्यों के अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “केंद्र सरकार इस काले कानून को अविलंब वापस ले, अन्यथा उसे इसका गंभीर खामियाजा भुगतना पड़ेगा। झामुमो संघर्ष की उपज है; मुख्यमंत्री और शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर इस आंदोलन को राज्यव्यापी और उग्र रूप दिया जाएगा।” उन्होंने बताया कि राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को मांग पत्र सौंपा जा रहा है।
वरिष्ठ नेता प्रोफेसर केपी सोरेन ने कहा कि झारखंड का 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का बकाया चुकाने के बजाय केंद्र यहां के प्राकृतिक संसाधनों को हड़पना चाहता है। यह नीति औपनिवेशिक मानसिकता को दर्शाती है, जिसे झारखंड की जनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
ये रहे उपस्थित:
धरना-प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष शुभेंदु महतो, केंद्रीय सदस्य गणेश महाली, कृष्णा बास्के, झायुमो जिला अध्यक्ष भुगलु सोरेन, उपाध्यक्ष विक्की प्रधान, बिशु हेम्ब्रम, दुर्गा लाल मुर्मु, सुब्रमण्यम बास्के, घासीराम सोरेन, राम सिंह हेम्ब्रम, सुबल महतो, भक्तु मार्डी, दिलीप समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता व ग्रामीण उपस्थित रहे।








