चाईबासा, 4 अक्टूबर 2026। महिला कॉलेज, चाईबासा में रविवार को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की 9वीं बटालियन, बिहटा, पटना की टीम ने आपदा प्रबंधन एवं बचाव कार्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान NDRF के जवानों ने विभिन्न आपात परिस्थितियों में राहत और बचाव के तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन कर करीब 200 छात्राओं को प्रशिक्षित किया।
कार्यक्रम में NDRF टीम ने छात्राओं को बाढ़, भूकंप और तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ आगजनी, सड़क दुर्घटना और रेल हादसों जैसी मानव निर्मित आपदाओं के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। जवानों ने कहा कि आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय धैर्य और सूझबूझ से काम लेना चाहिए तथा सबसे पहले अपनी और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।

स्ट्रेचर बनाने से लेकर CPR तक का दिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण NDRF टीम का व्यावहारिक बचाव प्रदर्शन रहा। जवानों ने विभिन्न बचाव उपकरणों के इस्तेमाल की जानकारी देने के साथ छात्राओं को मौके पर स्ट्रेचर तैयार करने की तकनीक भी बताई।
इसके अलावा हार्ट अटैक की स्थिति में प्राथमिक सहायता, CPR देने की प्रक्रिया, सर्पदंश के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां तथा पानी में डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने के तरीकों का प्रदर्शन किया गया। छात्राओं ने इन गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और बचाव तकनीकों को व्यवहारिक रूप से समझा।

आपदा प्रबंधन अधिनियम और अग्नि सुरक्षा की दी जानकारी
NDRF टीम ने छात्राओं को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के प्रावधानों के साथ NDRF और SDRF की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी। अग्नि सुरक्षा से जुड़े जरूरी उपायों को समझाते हुए बताया गया कि आपात स्थिति में सही जानकारी और समय पर लिया गया निर्णय बेहद महत्वपूर्ण होता है।
टीम ने कहा कि प्राथमिक बचाव तकनीकों का प्रशिक्षण आम लोगों को आपदा के दौरान तत्काल सहायता उपलब्ध कराने में सक्षम बना सकता है।

NDRF टीम में ये रहे शामिल
कार्यक्रम में NDRF टीम की ओर से सब-इंस्पेक्टर (SI) कबि रंजन शर्मा, सब-इंस्पेक्टर (SI) आर.ओ. विनय कुमार, कांस्टेबल राजेश यादव, विकास, जगदीश, निभा एवं सीमा सहित अन्य जवान शामिल रहे।
इस अवसर पर डॉ. अर्पित सुमन टोप्पो ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में आपदा के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें आपात परिस्थितियों में स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा के लिए जरूरी प्राथमिक बचाव कौशल से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि आपदा के समय जागरूकता और प्रशिक्षण कई बार जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम में ललिता सवैया, राजन सहित कॉलेज के अन्य सदस्य और करीब 200 छात्राएं मौजूद रहीं। छात्राओं ने NDRF जवानों द्वारा किए गए बचाव प्रदर्शन में सक्रिय रूप से भाग लिया।








