सरायकेला-खरसावां: झारखंड सरकार राज्य के प्राकृतिक जलस्रोतों और रमणीय स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभारने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सरायकेला-खरसावां जिले के प्रसिद्ध चांडिल डैम का परिजनों संग दौरा कर क्षेत्र के संपूर्ण कायाकल्प की रूपरेखा स्पष्ट की
धातकीडीह प्रवास के दौरान डैम पहुंचे मुख्यमंत्री ने वहां के मनोरम परिवेश की सराहना करते हुए इसे आधुनिक व पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का संकल्प जताया।
बहुआयामी विकास और सस्टेनेबल ब्लूप्रिंट पर फोकस
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के उपायुक्त और वरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि चांडिल परियोजना के अटके कार्यों को गति दी जाए और जल प्रबंधन के साथ-साथ बिजली उत्पादन की क्षमताओं को सशक्त किया जाए। इसके साथ ही पर्यावरण संतुलन को प्राथमिकता देते हुए एक दीर्घकालिक और सस्टेनेबल मास्टर प्लान तैयार करने को कहा गया, ताकि प्राकृतिक तंत्र को नुकसान पहुंचाए बिना आधुनिक आधारभूत ढांचा खड़ा किया जा सके।
इको-टूरिज्म से युवाओं को मिलेगा सीधा रोजगार
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि चांडिल डैम में इको-टूरिज्म के जरिए बड़े पैमाने पर स्थानीय आजीविका विकसित की जा सकती है। उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा, स्वच्छ जनसुविधाओं और नौकायन (बोटिंग) सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत व सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं को गाइड, हॉस्पिटैलिटी और वॉटर स्पोर्ट्स से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
इस मौके पर विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, विधायक श्रीमती सविता महतो, विधायक श्री सोमेश चंद्र सोरेन, कोल्हान प्रमंडलीय आयुक्त रविरंजन कुमार विक्रम, उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह और चांडिल एसडीएम नितिन शिवम गुप्ता सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।









