आदित्यपुर : आदित्यपुर पुलिस ने नशीले पदार्थों के खिलाफ जारी अभियान में दो अलग-अलग मामलों के फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पकड़े गए आरोपियों में डेढ़ साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रही मुख्य महिला तस्कर नाजिया परवीन और कई थानों का कुख्यात अपराधी विपुल कर्मकार शामिल हैं। डेढ़ साल तक भटकी, दूसरी शादी की, पर कानून से नहीं बच पाई नाजिया
वर्ष 2025 में दर्ज आदित्यपुर थाना कांड संख्या 97/25 में पुलिस ने कई लोगों को रंगेहाथ ब्राउन शुगर के साथ दबोचा था।
इस पूरे रैकेट की मुख्य साजिशकर्ता नाजिया परवीन उस वक्त मौके पर माल फेंककर फरार होने में कामयाब रही थी। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कई हथकंडे अपनाए। वह पिछले डेढ़ साल से मुंबई, दिल्ली, ओडिशा और बंगाल के विभिन्न शहरों में छिपती रही। इस दौरान उसने अपने पूर्व पति जावेद अंसारी उर्फ लालटु को छोड़कर दूसरा निकाह भी कर लिया था।
दो-चार दिन पहले ही वह सरायकेला के जीवनपुर (कोलाबिरा) में आकर रहने लगी थी। सटीक सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आदित्यपुर पुलिस ने बुधवार को उसे धर दबोचा और न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
बिलासपुर से घर लौटते ही पकड़ा गया अपराधी विपुल
दूसरी कार्रवाई 28 जुलाई 2026 को दर्ज कांड संख्या 209/26 (धारा 17(b)/21(b)/27(a) NDPS एक्ट) के तहत की गई। इस मामले का नामजद अभियुक्त विपुल कर्मकार उर्फ विपुल लोहार (निवासी- राम मड़ैया बस्ती) पुलिस से बचने के लिए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में छिपकर रह रहा था।
बुधवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि विपुल अपनी बस्ती लौटा है। थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने घेराबंदी कर उसे राम मड़ैया बस्ती से गिरफ्तार कर लिया।
आपराधिक इतिहास:
विपुल कर्मकार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह लूट, छिनतई, आर्म्स एक्ट और ब्राउन शुगर तस्करी के मामलों में आदित्यपुर, कदमा और बिष्टुपुर थानों से कई बार जेल जा चुका है। हाल ही में उसका भाई सिपुल कर्मकार भी छिनतई के एक मामले में जेल भेजा गया था। पुलिस ने विपुल को आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।








