सरायकेला: झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (त्रिपाठी गुट) की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को जिला अध्यक्ष अंजनी कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा जमशेदपुर और सरायकेला जिला कोषागार द्वारा कर्मचारियों के वेतन भुगतान में हो रहे अनावश्यक विलंब पर चर्चा करना था।
कमेटी की जांच प्रक्रिया पर उठाए सवाल
बैठक में यह बात सामने आई कि वित्त विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्यालयों द्वारा वेतन विवरणी तैयार कर जिला स्तरीय कमेटी को सौंपी जा चुकी है। इसके बावजूद कमेटी द्वारा समय पर जांच नहीं की जा रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि कमेटी के पास जाने पर उन्हें टाल दिया जाता है और ऑफलाइन जांच के बाद ऑनलाइन प्रक्रिया में भी अत्यधिक देरी की जा रही है। जिन कार्यालयों की ऑनलाइन जांच पूरी हो चुकी है, उन्हें भी ‘अनापत्ति प्रमाण पत्र’ (NOC) निर्गत करने में हीला-हवाली की जा रही है।
कल उपायुक्त से होगी निर्णायक वार्ता
वेतन की समस्या को लेकर सरायकेला उपायुक्त से दूरभाष पर चर्चा की गई, जिसके बाद उन्होंने 6 मई 2026 को महासंघ के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता का समय दिया है। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उपायुक्त से वार्ता के बाद भी वेतन भुगतान की बाधाएं दूर नहीं होती हैं, तो संगठन सीधे मुख्य सचिव से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज कराएगा।
बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य
इस बैठक में महासंघ के सम्मानित अध्यक्ष विमल कुमार सिंह, प्रांतीय संयुक्त सचिव प्रणव शंकर, जिला उपाध्यक्ष राजीव चौबे, शिवचरण दे, दुर्गा चरण माझी, कुश ध्वज लोहारा, इमरान अजमल, पिंटू कुमार सिंह, एवं शेखर कुमार सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित थे।








