Adityapur: सेवानिवृत्त होने पर सैनिकों को स्वरोजगार से जोड़ेगा एमएसएमई मंत्रालय: आदित्यपुर में विशेष कार्यशाला आयोजित ​

पूर्व सैनिक स्वरोजगार

आदित्यपुर। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय के अंतर्गत कौशल विकास विभाग द्वारा पूर्व सैनिकों के भविष्य को सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। शुक्रवार को आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य सेवानिवृत्त सैनिकों को स्वरोजगार के अवसरों और केंद्र सरकार की विभिन्न लाभकारी योजनाओं से अवगत कराना था।

पूर्व सैनिक स्वरोजगार

​कार्यशाला को संबोधित करते हुए कौशल विकास विभाग के क्षेत्रीय निदेशक विनोद कुमार दुबे ने कहा कि राष्ट्र की सेवा के बाद सैनिकों के पास अनुभव और अनुशासन की बड़ी पूंजी होती है। यदि इसे सही कौशल और सरकारी योजनाओं का साथ मिले, तो वे सफल उद्यमी बन सकते हैं। उन्होंने एमएसएमई और कौशल मंत्रालय द्वारा संचालित उन योजनाओं पर प्रकाश डाला जो विशेष रूप से नए व्यवसाय शुरू करने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण और सब्सिडी प्रदान करती हैं।

​कार्यशाला के मुख्य बिंदु:

* ​कौशल प्रशिक्षण: पूर्व सैनिकों की क्षमता के अनुसार उन्हें आधुनिक व्यवसायों के लिए प्रशिक्षित करना।

* ​सरकारी सहायता: पीएमईजीपी (PMEGP) जैसी योजनाओं के माध्यम से वित्तीय मदद की जानकारी।

* ​मार्केट लिंकेज: उत्पाद तैयार करने के बाद उसे बाजार तक पहुँचाने के लिए सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता।

​इस अवसर पर बड़ी संख्या में सैनिक उपस्थित थे, जिन्हें विशेषज्ञों द्वारा बिजनेस मॉडल तैयार करने और डिजिटल मार्केटिंग के गुर भी सिखाए गए। विभाग का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक सैनिक अपनी दूसरी पारी में ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बनें।

सैनिकों के सेवानिवृत्ति पर स्वरोजगार के नए अवसर: आदित्यपुर में एमएसएमई मंत्रालय की विशेष कार्यशाला

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