आदित्यपुर: झारखंड को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड, राँची के तत्वावधान में शनिवार को आदित्यपुर स्थित ऑटो क्लस्टर में एक दिवसीय प्रमंडल स्तरीय प्रशिक्षण सह सेमिनार का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) और सरायकेला-खरसावां जिले के लैम्प्स/पैक्स इंडस्ट्रियल को-ऑपरेटिव, हाउसिंग, क्रेडिट, व्यापार मंडल, लेबर को-ऑपरेटिव सहित विभिन्न विशेष सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भाग लिया।
सस्टेनेबल को-ऑपरेटिव मॉडल से बनेगी आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि झारखंड को-ऑपरेटिव फेडरेशन के चेयरमैन सत्यइन्द्र चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के ‘सहकार से समृद्धि’ विजन और राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के नेतृत्व में सहकारिता आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान की जा रही है।
सहकारिता विभाग के सचिव अबु बकर सिद्दीकी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सस्टेनेबल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट के जरिए वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करना ही संस्था का प्राथमिक ध्येय है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण व अर्ध-शहरी युवाओं को आधुनिक तकनीक और पूंजी आधारित सरकारी नीतियों से जोड़कर सहकारिता को दीर्घकालिक करियर का सशक्त माध्यम बनाया जा रहा है।
पारदर्शिता और आधुनिक तकनीक अपनाने पर बल
प्रशिक्षण सत्र के दौरान फेडरेशन के एमडी सह राज्य सहकारिता विभाग के डिप्टी रजिस्ट्रार ए. जॉर्ज कुजूर ने समितियों के डिजिटलीकरण, पारदर्शी प्रबंधन और कुशल कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सहकारिता केवल एक व्यवस्था नहीं, बल्कि आर्थिक स्वावलंबन का सबसे मजबूत जरिया है।

ये गणमान्य रहे उपस्थित
कार्यक्रम में फेडरेशन के निदेशकगण अजय कुमार सचदेव, ममता कुमारी, जयश्री कुमारी एवं चेतना कुमारी ने भी अपने विचार साझा किए। इसके अलावा दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (DICCI) झारखंड चैप्टर के स्टेट प्रेसिडेंट नवनीत कुमार, मैक्रोट्रोनिक्स सिस्टम के फाउंडर कन्हैया प्रसाद, जिला सहकारिता पदाधिकारी (जमशेदपुर) रविन्द्र कुमार दास, सहायक निबंधक (घाटशिला) मंजू बिरुलिया तथा पैक्स/लैम्प्स प्रतिनिधि शकुंतला बिरूली एवं मंजू बोदरा शैलेंद्र चौहान, सहित बड़ी संख्या में सहकारी उद्यमी उपस्थित रहे।









