चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिले में उपभोक्ता अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ने का असर अब जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में भी दिखाई देने लगा है। चालू वर्ष 2026 में अब तक आयोग में 100 से अधिक उपभोक्ता वाद दायर किए जा चुके हैं। आयोग के अनुसार, जागरूकता अभियान के कारण लोग अपने अधिकारों और शिकायतों के समाधान के लिए उचित कानूनी मंच का रुख कर रहे हैं।
जागरूकता अभियान का दिख रहा असर
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने उपभोक्ताओं तक उनके अधिकारों और आयोग की सुविधाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए सदस्यों एवं कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि लगातार प्रचार-प्रसार से लोगों में उपभोक्ता अधिकारों को लेकर समझ बढ़ी है। किसी वस्तु या सेवा में कमी, अनुचित व्यापार व्यवहार अथवा अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में उपभोक्ता कानूनी रूप से शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
वादों के निस्तारण पर भी जोर
नए मामलों की संख्या बढ़ने के साथ लंबित वादों के निस्तारण में तेजी लाने का भी प्रयास किया जा रहा है। आयोग द्वारा मामलों की सुनवाई और निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के साथ उपभोक्ताओं को जल्द राहत उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
ऑनलाइन वाद दायर करने की सुविधा
उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने के लिए हर बार आयोग कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं है। ऑनलाइन माध्यम से भी उपभोक्ता वाद दायर किया जा सकता है। पश्चिमी सिंहभूम जैसे भौगोलिक रूप से बड़े जिले में यह सुविधा ग्रामीण और दूर-दराज के उपभोक्ताओं के लिए काफी उपयोगी है।
इसके अलावा आवश्यकता के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई की सुविधा भी उपलब्ध है। इससे पक्षकार दूर रहकर भी कार्यवाही में शामिल हो सकते हैं।
बिल और दस्तावेज सुरक्षित रखने की अपील
आयोग की ओर से उपभोक्ताओं से बाजार से सामान खरीदते समय बिल अवश्य लेने और किसी उत्पाद या सेवा में कमी पाए जाने पर संबंधित दस्तावेज सुरक्षित रखने की अपील की गई है। शिकायत की स्थिति में इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उचित मंच पर अपनी बात रखी जा सकती है।
चालू वर्ष में 100 से अधिक वाद दायर होना जिले में उपभोक्ता अधिकारों के प्रति बढ़ती जागरूकता का संकेत माना जा रहा है। आयोग की ओर से आने वाले दिनों में भी जागरूकता एवं प्रचार-प्रसार गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।







