Chaibasa (चाईबासा) : JPSC- JSSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को चाईबासा में जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता सर्किट हाउस से जुलूस निकालते हुए उपायुक्त कार्यालय पहुंचे, जहां प्रदर्शन के बाद सभा आयोजित की गई। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने तथा नियुक्ति परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।
जुलूस में शामिल कार्यकर्ता हाथों में विभिन्न मांगों से संबंधित तख्तियां लिए हुए थे। इस दौरान “छात्रों पर दर्ज एफआईआर वापस लो”, “JPSC-JSSC में भ्रष्टाचार बंद करो” और “छात्रों की जायज मांगें माननी होंगी” जैसे नारे लगाए गए। उपायुक्त कार्यालय पहुंचने के बाद जुलूस धरना-प्रदर्शन और सभा में तब्दील हो गया।
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रोजगार के बजाय युवाओं को मिल रही लाठी और एफआईआर : विनय जायसवाल
भाजपा के जिला प्रभारी विनय जायसवाल ने हेमंत सोरेन सरकार पर युवाओं से किए गए रोजगार संबंधी वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को रोजगार देने की बात कही थी, लेकिन जेपीएससी और जेएसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार को जवाब देना चाहिए कि पिछले वर्षों में युवाओं के लिए पर्याप्त नियुक्तियां क्यों नहीं निकाली गईं। छात्रों के सवालों का समाधान लाठी, मुकदमे और एफआईआर से नहीं, बल्कि पारदर्शी परीक्षा और निष्पक्ष नियुक्ति प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।
नियुक्ति में गड़बड़ी पूरे परिवार के साथ अन्याय : मधु कोड़ा
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने सरकार पर युवाओं की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान युवाओं को रोजगार और बेरोजगारों को भत्ता देने सहित कई वादे किए गए थे, लेकिन आज भी बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश में हैं।
उन्होंने कहा कि गरीब परिवार खेती, मजदूरी और अन्य छोटे-मोटे काम करके अपने बच्चों को पढ़ाते हैं। विद्यार्थी वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में यदि नियुक्ति प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता होती है तो इसका असर केवल एक अभ्यर्थी पर नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार पर पड़ता है।
मधु कोड़ा ने कहा कि नियुक्ति योग्यता के आधार पर होगी या पैसे और पहुंच के आधार पर, सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी, बिचौलिए या संगठित गिरोह की संलिप्तता सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
मुकदमे वापस लेकर परीक्षाओं की जांच कराने की मांग
भाजपा जिलाध्यक्ष गीता बालमुचू ने छात्रों पर दर्ज मुकदमों को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि जेपीएससी, जेएसएससी समेत सभी नियुक्ति परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। सरकार को युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनके लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने चाहिए।
पूर्व मंत्री बड़कुंवर गागराई ने कहा कि आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान से बने झारखंड में युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह की सौदेबाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जेबी तुबिद ने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी जायज मांगों पर सरकार को सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं के अधिकार की लड़ाई को आगे भी जारी रखेगी।
पूर्व विधायक गुरुचरण नायक ने कहा कि झारखंड के युवा अपना अधिकार मांग रहे हैं, भीख नहीं। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं को रोजगार नहीं मिलना और अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने पर मुकदमे दर्ज होना गंभीर विषय है। भाजपा युवाओं और छात्रों की आवाज को दबने नहीं देगी।
सभा को मालती गिलुआ, विजय गागराई समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में भाजपा के महामंत्री भूषण पाट पिंगुआ, चंदन झा, सनी पासवान, हेमंत केसरी, तीरथ जामुदा, अंजन प्रधान, दुर्गावती बायपई, रानी बंदिया, गुल्लू कुमार, राकेश पोद्दार, राकेश शर्मा, चंद्र मोहन तिऊ और रूपा सिंह दास सहित विभिन्न मंच-मोर्चों के पदाधिकारी, विधानसभा क्षेत्रों के मंडल अध्यक्ष और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
तीन सूत्री मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने अपनी तीन सूत्री मांगों को लेकर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। पार्टी की प्रमुख मांगों में छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेना, जेपीएससी-जेएसएससी समेत नियुक्ति परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराना और नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है।
भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को राज्य के अन्य हिस्सों तक विस्तारित किया जाएगा। पार्टी ने आगे चक्का जाम और बंद जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रम आयोजित करने की चेतावनी भी दी।








