चाईबासा : महिलाओं को मिली सरकारी योजनाओं की जानकारी

 

चाईबासा : सदर प्रखंड अंतर्गत टांगराई गाँव में बिरसा संस्था के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। समारोह में टंगराई गांव समेत आस पास के गांव नाकाहसा, आयता, बादुडी, बाईहातु, इत्यादि गांवों की महिलाएं शामिल हुई। 

 

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : सृष्टि की संरचना बिना महिलाओं के संभव नहीं – लक्ष्मी सुरीन

 

कार्यक्रम में महिला दिवस के इतिहास, लैंगिक समानता, शिक्षा , हमारी संस्कृति में महिलाओं की भूमिका, महिला मजदूरों की स्तिथि पर समाजसेवी ज्योत्सना तिर्की, वकील मिली बिरूआ, समाजसेवी बेला जेराई, समाजसेवी सुशीला बिरुआ, वकील रमेश जेरई द्वारा चर्चा किया। साथ ही नाकहसा गांव की आंगनबाड़ी सेविका ननकृष्णी गोप ने आंगनबाड़ी में चल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। महिला स्वास्थ्य पर भी प्रकाश डाला। स्वयंसेवी सन्नी सामड एवं मानकी बिरुली ने महिला सशक्तिकरण और शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डाला। वहीं कई प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया जैसे जोनो गालंग, जाटी गालंग, पुसु, रस्सा कस्सी आदि। इसमें महिलाओं ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। मंच संचालन हीरामनि देवगम व खुशबू गागरई द्वारा किया गया। 

 

कार्यक्रम का संचालन मनीला बुंदुवा, प्रहलाद तमसोय, दुलबू कालुंडिया, सावित्री भेंगरा, और टंगराई गांव के लोगों द्वारा किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं।

http://अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस : सृष्टि की संरचना बिना महिलाओं के संभव नहीं – लक्ष्मी सुरीन

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पूर्वी सिंहभूम पुलिस

पूर्वी सिंहभूम पुलिस को मिली मजबूती, 40 नए पेट्रोलिंग वाहनों को दिखाई गई हरी झंडी आधुनिक संसाधनों से लैस होगी पुलिसिंग व्यवस्था, थाना क्षेत्रों में गश्त और कानून-व्यवस्था की निगरानी होगी और प्रभावी

सरायकेला पुलिस की कार्रवाई

सरायकेला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छापेमारी में भारी मात्रा में सिगरेट व नकदी बरामद थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह की अगुवाई में टीम ने 24 घंटे के भीतर आरोपी को दबोचा, प्रतिबंधित सामग्री के कारोबार पर कसा शिकंजा

रांजाबुरु खदान आंदोलन

22 दिन बाद रांजाबुरु खदान का आंदोलन स्थगित, प्रशासन को 5 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम, एसडीओ-बीडीओ की पहल पर ग्रामीणों से वार्ता के बाद बनी सहमति, स्थानीय रोजगार और 18 प्रभावित गांवों के विकास समेत कई मांगें प्रमुख