झारखंड : डाक विभाग के खिलाफ सेवा में कमी का मामला में उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला, उपभोक्ता को 1 लाख रुपये मुआवजा देने का दिया निर्देश

Chaibasa (चाईबासा) : झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के बशिष्ठ नारायण त्रिवेदी के द्वारा उपभोक्ता फोरम में दर्ज मामले में सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए शिकायतकर्ता को 1 लाख रुपये मुआवजा देने के साथ मुकदमे में खर्च रुपये का भुगतान तत्काल करने का आदेश दिया है.

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बता दें कि बशिष्ठ नारायण त्रिवेदी ने डाक विभाग के अधिकारियों के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कराया था, जिसमें उन्होंने 2,19,915 रुपए की मांग की थी. आरोप लगाया गया कि 2002 में जमा किए गए 69,115 रुपये और संबंधित ब्याज राशि नहीं मिली. साथ ही मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना के लिए 50,000 रूपए की क्षतिपूर्ति की भी मांग की गई.

त्रिवेदी ने बताया कि उन्होंने अपने पैसे निकासी के लिए कई बार स्थानीय और क्षेत्रीय पोस्टमास्टर से संपर्क किया. लेकिन उन्हें न तो राशि मिली और न ही पासबुक वापस की गई. इस मामले में डाक विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शिकायत समय सीमा पार है और शिकायतकर्ता को पहले ही भुगतान किया जा चुका है. लेकिन, उपभोक्ता आयोग ने सबूतों की कमी, और कैश रसीद या पासबुक वापसी के प्रमाण के अभाव पर सवाल उठाया.

आखिरकार, आयोग ने मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल, झारखंड सर्कल (OP3) को सेवा में कमी का दोषी ठहराते हुए शिकायतकर्ता को 69,115 रुपए के साथ 1,00,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया. साथ ही 30,000 रुपये मुकदमा खर्च के रूप में देने को कहा. साथ ही, इस राशि पर 9% ब्याज दर भी दी जाएगी. OP3 को निर्देश दिया गया है कि वे 60 दिनों के भीतर यह राशि शिकायतकर्ता को प्रदान करें.

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