NGT रोक हटने के बावजूद राज्य सरकार बालू बंदोबस्ती में है नाकाम, खनन और राज्य का मुखिया ही बेफिक्र : रमेश हांसदा

Saraikela :- राज्य सरकार द्वारा बालू बंदोबस्ती में नाकाम होने पर स्थानीय भाजपा नेता सह बालू आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाने वाले रमेश हांसदा ने राज्य सरकार को आडे़ हाथो लिया हैं. भाजपा नेता रमेश हांसदा सिंहभूम टैक्टर 407 आनर सप्लायर मजदूर युनियन के सदस्यों के साथ आदित्यपूर इमली चौक में संवाददाता सम्मेलन कर राज्य सरकार के खिलाफ खूब आग उगला.

भाजपा नेता रमेश हांसदा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा की पूर्व में जितने भी ज्ञापन राज्य सरकार को सौंपे थे,उनमे आग्रह किया गया था कि बालू घाटो की नीलामी की तैयारी सरकार को कर लेनी चाहिए. ताकि जैसे ही NGT की रोक 15 अक्टूबर को हटेगी वैसे ही बालू घाटो की नीलामी कर दी जाये. परंतु राज्य सरकार का खनन विभाग जो स्वयं मुख्यमंत्री के पास है, कोई तैयारी नहीं की. जिस कारण राज्य में मात्र 17 बालू घाटो पर ही निलामी की प्रक्रिया संभव हो पायी कोल्हान में मात्र एक घाट जारगोडीह घाट का ही नीलामी किया जा सका है. भाजपा नेता रमेश हांसदा ने कहा कि बालु घाटो की नीलामी नहीं होने से राज्य में प्रधानमंत्री आवास, विभागीय कार्यो, भवन निर्माण उधोग में काफी प्रभाव पड़ा है. अवैध बालू के दाम आसमान छू रहै है. अभी भी झारखंड का पैसा बंगाल के बालू मे लग रहा है. जिससे झारखंड के राजस्व को काफी नुकसान हो रहा है. बालू की कालाबाजारी मे सताधारी दल के कई नेता भी शामिल हैं. इस चलते बालू घाटो की नीलामी में राज्य सरकार इच्छा नहीं जता रही है. इस दौरान युनियन के नेता पवन महतो, दिनेश साह सोनु खां,रवि गोप, गणेश दास, पप्पू नायक, आदि शामिल थे.

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