दहशत: मझगांव के तिलोकुटी गांव में घुसा जंगली हाथी, दो की मौत, इलाके में अफरा-तफरी।
Chaibasa (चाईबासा) | कार्यालय संवाददाता : पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक अब खूनी संघर्ष में बदल चुका है। मझगांव प्रखंड की बेनीसागर पंचायत अंतर्गत तिलोकुटी गांव में शुक्रवार को एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। इस हमले में बेनीसागर निवासी 40 वर्षीय प्रकाश मालवा और एक मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। जिले में पिछले 9 दिनों के भीतर हाथी के हमले में मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 21 हो गई है, जिससे प्रशासन और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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दांत में फंसे बच्चे को लेकर घूम रहा हाथी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जंगली हाथी जंगल से निकलकर सीधे रिहायशी इलाके में घुस आया। सामने आए दो बच्चों पर हाथी ने अचानक हमला कर दिया। एक बच्चे को हाथी ने मौके पर ही कुचल दिया, जिससे उसकी तत्काल मौत हो गई। वहीं, दूसरा बच्चा हाथी के दांत (दंत) में फंस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी पागलपन की स्थिति में है और बच्चे को दांत में फंसाए हुए ही पेड़ों को पटक रहा है और लगातार दहाड़ रहा है। इस खौफनाक मंजर को देख ग्रामीणों के रोंगटे खड़े हो गए हैं।
पुलिस ने संभाला मोर्चा, वन विभाग का इंतजार
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई है। पुलिस ने एक शव को अपने कब्जे में ले लिया है, लेकिन हाथी के हिंसक रुख के कारण दूसरे बच्चे के शव को निकालने और राहत कार्य चलाने में भारी परेशानी हो रही है। खबर लिखे जाने तक वन विभाग की टीम के मौके पर न पहुंचने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोग अपने घरों में कैद हैं और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही की सूचना लगातार दी जा रही थी, लेकिन विभाग ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए। गुस्साए ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही हाथी को खदेड़ने और मुआवजे की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। जिले में लगातार बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष ने अब एक भयावह रूप ले लिया है।
मुख्य बिंदु:
- मृतक: प्रकाश मालवा (40 वर्ष) एवं एक मासूम बच्चा।
- प्रभावित क्षेत्र: खड़पोस के समीप तिलोकुटी गांव (मझगांव)।
- स्थिति: हाथी अभी भी गांव के पास सक्रिय, ग्रामीण दहशत में।
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