गुवा: सेल प्रबंधन और ठेका मजदूरों के बीच समझौता, आंदोलन के बाद मांगों पर बनी सहमति

गुवा सेल प्रबंधन गेट पर प्रदर्शन करते कर्मी

Chaibasa (चाईबासा) : झारखंड के गुवा (सेल) क्षेत्र में शुक्रवार को झारखंड मजदूर संघर्ष संघ और सेल प्रबंधन के बीच चला हाई-वोल्टेज ड्रामा देर रात समझौते के साथ समाप्त हुआ। यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों ठेका मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था, जिसके बाद प्रबंधन को झुकना पड़ा और अधिकांश मांगों पर अपनी सहमति दे दी।

गुवा सेल प्रबंधन गेट पर प्रदर्शन करते कर्मी

गुवा सेल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर यूनियन का हमला, सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी

पुतला दहन करते लोग

शाम को भड़का आक्रोश, पुतला दहन कर जताया विरोध

​शुक्रवार शाम करीब 5:30 बजे, गुवा स्थित सेल जनरल ऑफिस के समक्ष माहौल तब गरमा गया जब ठेका मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन शुरू किया। इस दौरान मजदूरों ने सेल के मुख्य महाप्रबंधक (CGM) चंद्रभूषण कुमार और मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार अमन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया।

​यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पांडे ने प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो रात्रि पाली (Night Shift) की खदान बसों को रोककर काम पूरी तरह ठप कर दिया जाएगा।

इन प्रमुख मांगों पर अड़ा था यूनियन

​मजदूरों और यूनियन ने प्रबंधन के समक्ष एक विस्तृत मांग पत्र रखा था, जिसमें मुख्य बिंदु निम्नलिखित थे:

  • चिकित्सा सुविधा: कोलकाता स्थित सेल गेस्ट हाउस में ठेका श्रमिकों के लिए बंद की गई मेडिकल सुविधाओं को तत्काल बहाल करना।
  • स्थानीय रोजगार: आसपास के गांवों के युवाओं, स्थानीय अप्रेंटिस, इंजीनियरिंग और डिप्लोमा धारकों को बहाली में प्राथमिकता देना।
  • कर्मियों का वर्गीकरण: स्किल्ड और सेमी-स्किल्ड कर्मियों की सूची तैयार कर उन्हें उचित लाभ देना।
  • बुनियादी ढांचा: सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाना और ठेका कर्मियों के लिए आवास की व्यवस्था करना।

    प्रबंधन के साथ बैठक करते यूनियन के लोग
    प्रबंधन के साथ बैठक करते यूनियन के लोग

मैराथन बैठक के बाद निकला समाधान

​शुक्रवार देर रात तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद सेल प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच वार्ता की मेज सजी। लंबी चर्चा के बाद प्रबंधन ने आश्वासन दिया कि वे अधिकांश मांगों को जल्द से जल्द लागू करेंगे।

प्रबंधन के मुख्य आश्वासन:

  1. राजाबुरु खदान: जल्द ही राजाबुरु खदान का संचालन शुरू किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
  2. मेडिकल जांच: वर्तमान में कांट्रेक्टर ‘मां सरला प्राइवेट वर्क’ के माध्यम से 70 स्थानीय ग्रामीणों की मेडिकल जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
  3. प्राथमिकता: भविष्य की बहालियों में स्थानीयता के आधार पर प्रभावित गांवों के युवाओं को वरीयता दी जाएगी।

​इस सफल वार्ता और आंदोलन में यूनियन के महामंत्री अंतर्यामी महाकुड़ सहित बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे। फिलहाल, प्रबंधन के भरोसे के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया है।

http://गुवा ठेका मजदूर आंदोलन: 27 फरवरी को सेल प्रबंधन के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन

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