सरायकेला। देवस्थान पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्री जगन्नाथ सेवा समिति के तत्वावधान में लगभग 300 वर्ष से चली आ रही धार्मिक परंपरा का श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक रीति-रिवाजों के साथ निर्वहन किया गया।
इस अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ, उनके अग्रज बलभद्र एवं बहन सुभद्रा का पारंपरिक साही स्नान संपन्न कराया गया। परंपरा के अनुसार नगर के सात जलाशयों से एकत्रित पवित्र जल से भगवानों का महाअभिषेक किया गया।

साही स्नान के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। पुजारी सानू आचार्य, ब्रह्मदेव महापात्र एवं सुमित महापात्र ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई।
धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। वहीं शाम के समय मंदिर परिसर में भजन संध्या एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
श्री जगन्नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष लिपू महंती, सचिव शंकर सतपति एवं समिति के सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर धार्मिक आयोजन को सफल बनाने की अपील की।








