गम्हरिया : झारखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं का जीवंत रूप रविवार को गम्हरिया के सतबहिनी में देखने को मिला। यहाँ ‘द राड़ जुलुमताड़ एकता मंच’ द्वारा आयोजित विशाल टुसू मेला में जनसैलाब उमड़ पड़ा। मेले के माध्यम से न केवल पारंपरिक रीति-रिवाजों का प्रदर्शन किया गया, बल्कि क्षेत्र की एकजुटता की झलक भी देखने को मिली।

विभूतियों को दी गई श्रद्धांजलि
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ क्षेत्र के महान नायकों और विभूतियों को याद करते हुए किया गया। मुख्य अतिथियों और आयोजकों ने भगवान बिरसा मुंडा, दिवंगत विनोद बिहारी महतो और निर्मल महतो जैसे महान सपूतों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
मेले का मुख्य आकर्षण पारंपरिक झूमर नृत्य और संगीत कार्यक्रम रहा। ढोल, नगाड़े और मांदर की थाप पर कलाकारों ने जब झारखंडी लोक गीतों की प्रस्तुति दी, तो मेले में मौजूद हजारों लोग खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। ग्रामीण परिवेश से आए लोगों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा में टुसू प्रतिमाओं और चौड़ल के साथ शिरकत की।

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों के गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व वार्ड पार्षद अभिजीत महतो ने कहा कि टुसू मेला हमारी पहचान और पूर्वजों की विरासत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंडी सभ्यता और संस्कृति को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए हर वर्ष इस तरह के आयोजन किए जाते हैं।
मेले में मुख्य रूप से अभिजीत महतो (पूर्व वार्ड पार्षद) लालटू महतो (झामुमो नेता), रितिका मुखी (भाजपा महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष) भानुमति महतो जेएकेएम नेत्री, सत्यनारायण महतो (आजसू नेता) अमीन मंडल, देवांग चंद्रमुखी, आतंक मुखी एवं अन्य उपस्थित रहे

आयोजन समिति की सक्रिय भूमिका
मेले के सफल संचालन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में ‘द राड़ जुलुमताड़ एकता मंच’ के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के संरक्षक लकीपदों महतो और अध्यक्ष प्रदीप महतो के नेतृत्व में पूरी टीम मुस्तैद दिखी। सफल आयोजन में मुख्य रूप से शिवनाथ महतो, बिट्टू महतो, शंकर महतो, कृष्णा दहाल सहित कई कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेले के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टुसु प्रतिमा और चौड़ल को नगद पुरस्कार भी दिया गया।







