नीमडीह गांव हाथी आतंक झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक गंभीर समस्या बन चुका है। टोटो प्रखंड के नीमडीह गांव में जंगली हाथियों द्वारा लगातार फसलों को नष्ट किया जा रहा है, घरों को तोड़ा जा रहा है और ग्रामीणों की जान पर सीधा खतरा बना हुआ है। इस स्थिति से गांव के लोग भय और आक्रोश दोनों में जी रहे हैं।
दिनांक 21 जनवरी 2026 को आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा और जिला परिषद सदस्य मानसिंह त्रिया ने नीमडीह गांव हाथी आतंक से प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की और जमीनी हालात का जायजा लिया।
चाईबासा : नीमडीह गांव में हाथी आतंक, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

नीमडीह गांव हाथी आतंक से बढ़ा जान-माल का खतरा
ग्रामीणों ने बताया कि बीते कई महीनों से हाथियों का झुंड लगातार गांव में प्रवेश कर रहा है।
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धान, मक्का और सब्जियों की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है
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कई कच्चे और पक्के मकानों को नुकसान पहुंचा है
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रात के समय ग्रामीणों को पहरा देना पड़ रहा है
नीमडीह गांव हाथी आतंक के बावजूद वन विभाग की ओर से ठोस सुरक्षा या स्थायी समाधान नहीं किया गया है।

वन विभाग पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग केवल कागजी कार्रवाई और खानापूर्ति कर रहा है।
कभी-कभार दी जाने वाली सहायता बेहद सीमित है, जिससे वास्तविक नुकसान की भरपाई नहीं हो पा रही।
ग्रामीणों ने दीपक बिरूवा मंत्री द्वारा केवल 20 किलो चावल दिए जाने पर भी नाराजगी जताई और इसे अपमानजनक सहायता बताया।
जॉन मिरन मुंडा का बड़ा बयान
आदिवासी किसान मजदूर पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा ने कहा कि:
“नीमडीह गांव हाथी आतंक के लिए सीधे तौर पर वन विभाग और अवैध खनन जिम्मेदार है।
झारखंड में हाथी हमले में मिलने वाला मुआवजा बेहद कम है, जबकि पड़ोसी राज्य ओडिशा में मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाता है।”
उन्होंने टाटा और रूंगटा जैसी बड़ी कंपनियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जंगलों में बांस, कटहल और फलदार वृक्षों का रोपण किया गया होता तो हाथियों को गांवों की ओर आने की मजबूरी नहीं होती।

23 जनवरी को DFO कार्यालय के समक्ष धरना
बैठक के दौरान सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि 23 जनवरी 2026 को जिला वन पदाधिकारी (DFO) के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि नीमडीह गांव हाथी आतंक पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा।








