NIT Jamshedpur Historic success: एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 में एनआईटी जमशेदपुर की ऐतिहासिक छलांग, टॉप 100 इंजीनियरिंग कॉलेज में मिला यह स्थान

Adityapur:भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2025 की घोषणा की गई। इस रैंकिंग में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर ने बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश के टॉप 100 इंजीनियरिंग संस्थानों में 82वां स्थान प्राप्त किया है। साथ ही, देश के 31 एनआईटी में यह संस्थान 17वें पायदान पर पहुंच गया है।

ये भी पढ़े:- NIT JAMSHEDPUR: एनआईटी को टॉप 50 कॉलेज की श्रेणी में लाना प्राथमिकता: निदेशक: डॉ गौतम सूत्रधार

निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) गौतम सूत्रधर

यह उपलब्धि संस्थान के लिए काफी गर्व की बात है, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से एनआईटी जमशेदपुर लगातार अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए प्रयत्नशील रहा है। इस सफलता के पीछे शिक्षकों की मेहनत, छात्रों की लगन, शोध की गुणवत्ता और प्रशासनिक सहयोग की अहम भूमिका रही है।

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) गौतम सूत्रधर ने इस मौके पर सभी शिक्षकों, शोधार्थियों, छात्रों और कर्मचारियों को बधाई दी और कहा कि “हमारा लक्ष्य सिर्फ रैंकिंग में सुधार नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करना है। आने वाले वर्षों में हम और बेहतर करेंगे।”उन्होंने यह भी बताया कि इस सफलता में कुलसचिव कर्नल (डॉ.) निशीथ कुमार राय की ओर से दी गई सुविधाएं, बेहतर रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार की संस्कृति का भी बड़ा योगदान है।

एनआईआरएफ रैंकिंग को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2015 में शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य भारत के उच्च शिक्षा संस्थानों का मूल्यांकन विभिन्न मापदंडों जैसे टीचिंग, रिसर्च, ग्रेजुएशन आउटकम, आउटरिच और परसेप्शन के आधार पर करना है।2025 की रैंकिंग में कुल 17 श्रेणियों को शामिल किया गया, जिनमें ओवरऑल, यूनिवर्सिटी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मेडिकल, लॉ, फार्मेसी, रिसर्च आदि प्रमुख हैं। आईआईटी मद्रास ने इस बार भी ओवरऑल कैटेगरी में पहला स्थान बरकरार रखा है।

एनआईटी जमशेदपुर की यह प्रगति पूरे संस्थान के लिए प्रेरणादायक है और यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में यह संस्थान राष्ट्रीय स्तर पर और भी मजबूत स्थिति में होगा।

http://Adityapur NIT sanitation workers strike: एनआईटी कॉलेज के सफाईकर्मी 13 दिनों से हड़ताल पर, वार्ता के बाद भी नहीं बनी सहमति, जेएलकेएम का हैं समर्थन

मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

Saraikela MNREGA Strike : मानदेय और सुरक्षा की मांग को लेकर मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, ठप होंगे विकास कार्य, तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के बाद सरकार की बेरुखी से नाराज कर्मचारियों ने लिया फैसला