शक्तिशाली चक्रवाती तूफान आज रात भारत के तट से टकराएगा, झारखंड सहित कई राज्य प्रभावित होने का अनुमान

Ranchi (रांची) : देश की तटरेखा पर आज रात एक बहुत ही तेज़ और शक्तिशाली चक्रवात (नामीकरण किया गया या न किया गया) टकराने की संभावना है। यह तूफान अरब सागर या बंगाल की खाड़ी (जहाँ से भी बना हो) से आएगा और अपनी तेज हवाओं, भारी वर्षा व समुद्री उफान के ज़रिये कम-से-कम आठ राज्यों को प्रभावित कर सकता है।

चक्रवाती तूफान का सारंडा में व्यापक असर, तेज हवा व बारिश से विभिन्न क्षेत्रों में गिरे पेड़, गुआ में बोकना पुल पूरी तरह डूबा

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि इस चक्रवात की हवाएँ 120-140 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक की हो सकती हैं, और इसके पहले या बाद के वेबदल क्षेत्रों में 160 किमी/घंटे तक की आंधियाँ बन सकती हैं। तटवर्ती जिलों में समुद्री तल वृद्धि (storm surge) की संभावना बढ़ी है, जिससे नदी मुहाने, तटीय गाँव और बस्तियाँ प्रभावित हो सकती हैं।

🗺️ राज्यवार खतरा स्तर एवं अपेक्षित प्रभाव

नीचे संभावित प्रभावित राज्यों और उनके लिए जारी चेतावनियाँ दी गई हैं:

राज्य / क्षेत्र खतरा स्तर / चेतावनी संभावित प्रभाव / दिशा-निर्देश

◆ आंध्र प्रदेश (तटीय भाग + यानम) तेज हवाएँ (50-60 किमी/घंटा), बहुत भारी वर्षा की चेतावनी तटीय जिलों में सागर तल वृद्धि (storm surge) का खतरा, मछुआरों को समुद्र में न निकलने की हिदायत
◆ ओडिशा अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी वर्षा, तूफानी हवाएँ वृद्ध नदियों का पानी बढ़ना, तटीय इलाकों में बाढ़ व जलजमाव
◆ पश्चिम बंगाल / गंगीय बंगाल तूफानी हवाएँ (40-50 किमी/घंटा), भारी वर्षा चेतावनियाँ तटीय इलाकों में भूस्खलन, सड़क व संचार बाधाएँ
◆ झारखंड, बिहार अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा, गरज-बिजली नदी-पूल का उफान, जलभराव
◆ छत्तीसगढ़ (दक्षिण भाग) अत्यधिक बारिश की संभावना निचले इलाकों में बाढ़, नदियों का खतरा
◆ तेलंगाना / तमिलनाडु (तटवर्ती हिस्से) हल्की-मध्यम वर्षा और गरज-बिजली संभव अस्थायी जलभराव, बिजली कटौती

नोट: ये खतरे स्थानीय परिस्थिति (ऊँचाई, तट की रेखा, स्थानीय ढलान आदि) पर निर्भर हैं।

✅ दिशा-निर्देश और सावधानियाँ (Immediate Precautions)

1. आधिकारिक चेतावनियाँ फॉलो करें — IMD एवं राज्य मौसम विभाग के अलर्ट लगातार देखें और सुने।
2. मछुआरों को चेतावनी — तटीय इलाकों के मछुआरों को अगले 24–48 घंटे तक समुद्र से दूर रहने को कहा गया है।
3. राहत एवं आश्रय केंद्र — तटीय जिलों में शहरी व राजकीय राहत केन्द्रों की सूची तैयार रखें और नजदीकी केंद्रों की जानकारी रखें।
4. बिजली उपकरण एवं दस्तावेज़ सुरक्षित करें — बिजली उपकरणों को अनप्लग करना, महत्वपूर्ण कागजात व दवाइयाँ वाटरप्रूफ कंटेनर में रखना।
5. ऊँची जगह पर रहना — यदि नदी किनारे या तटवर्ती क्षेत्र में हैं तो असुरक्षित स्थानों से दूर ऊँची जगहों पर चले जाएँ।
6. संचार माध्यमों पर निर्भर रहें — केवल मान्य सरकारी सूचना स्रोतों

(IMD, राज्य मौसम विभाग, आपदा प्रबंधन) की सूचना पर भरोसा करें, अफवाहों से सतर्क रहें

इन राज्यों में तटीय जिलों को सबसे अधिक खतरा माना जा रहा है।
राज्य सरकारों और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने पहले ही सतर्कता बढ़ा दी है। हजारों लोगों को तटीय इलाकों से सुरक्षित स्थानों (राहत शिविरों) में स्थानांतरित करने की तैयारी की जा रही है। विशेष रूप से मछुआरों को समुद्र में न निकलने की चेतावनी दी गई है।

रेल, सड़क और विमान मार्ग प्रभावित संभावित है — तटवर्ती हवाईअड्डों पर उड़ानें रद्द हो सकती हैं, और सड़कों पर जलभराव व भूस्खलन की आशंका है। बिजली और संचार सेवाएँ भी प्रभावित हो सकती हैं।

मौसम विभाग तूफान की दिशा, गति और उस परिदृश्य का लगातार अपडेट देगा। आग्रह है कि वे विश्वास करें केवल आधिकारिक चेतावनियों पर, अफवाहों से बचें और अधिकारियों द्वारा बताई गई सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें।

तूफान से पहले ये कर लें तैयारी :

● जरूरी सामान, दवाइयाँ, बल्ब, मोबाइल चार्जर सुरक्षित स्थान पर रखें

● दस्तावेज़ और आवश्यक कागजात (पहचान पत्र, बैंक कार्ड आदि) एक वाटरप्रूफ़ कवर में रखें

● बिजली उपकरणों को अनप्लग करें

● आश्रय केंद्रों की जानकारी रखें

यह तूफान तटवर्ती राज्यों के लिए एक बड़ा दायित्व है — समय रहते सावधानी बरतने से जान-माल की हानि को न्यूनतम किया जा सकता है।

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