1870 से जल रही आस्था की ज्योति, 156वें वर्ष में भी कायम रहेगी आमला टोला की दुर्गा पूजा परंपरा

चाईबासा आमला टोला दुर्गा पूजा समिति की बैठक

चाईबासा। चाईबासा की ऐतिहासिक धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी आदि दुर्गोत्सव आमला टोला सार्वजनिन दुर्गा पूजा समिति इस वर्ष अपनी परंपरा के 156वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। वर्ष 1870 से निरंतर चली आ रही इस पूजा परंपरा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार देर शाम आमला टोला दुर्गा मंदिर परिसर में समिति की सामान्य बैठक आयोजित की गई। बैठक में दुर्गा पूजा-2026 के आयोजन को भव्य, आकर्षक, सुव्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष तपन कुमार मित्रा ने की, जबकि संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव त्रिशानु राय ने किया।

पिछले वर्ष के आयोजन और आय-व्यय की समीक्षा

बैठक की शुरुआत पिछले वर्ष आयोजित दुर्गा पूजा के आयोजन और व्यवस्थाओं की समीक्षा से हुई। समिति के समक्ष पूजा से संबंधित आय-व्यय का पूरा ब्योरा रखा गया। सदस्यों ने प्रस्तुत लेखा-जोखा और पिछले आयोजन से जुड़े कार्यों की समीक्षा की तथा उसे सर्वसम्मति से संपुष्ट किया।

इसके बाद दुर्गा पूजा-2026 की तैयारियों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। सदस्यों ने कहा कि 156 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि चाईबासा की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए आयोजन की ऐतिहासिक गरिमा को बनाए रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं और व्यवस्थित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

पिछली समिति ही करेगी पूजा का संचालन

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पिछले वर्ष की पूजा समिति को ही इस वर्ष भी यथावत रखा जाएगा। समिति के सदस्यों के अनुसार, अनुभवी पदाधिकारियों और सदस्यों की निरंतरता से आयोजन की तैयारियों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और पिछले अनुभवों का लाभ इस वर्ष भी मिलेगा।

समिति में मुख्य संरक्षक मुकुंद रूंगटा, संरक्षक मिथिलेश कुमार ठाकुर, राजश्री बासु एवं नन्दो फौजदार, अध्यक्ष तपन कुमार मित्रा, उपाध्यक्ष सुप्रियो फौजदार एवं गोपाल चटर्जी, सचिव प्रभाष कुमार सरकार, संयुक्त सचिव त्रिशानु राय एवं भरत रूंगटा, कोषाध्यक्ष सुदीप सिन्हा, सह कोषाध्यक्ष सुभम शर्मा एवं वैभव बजाज शामिल हैं।

त्रिशानु राय के नाम होगी प्रतिमा विसर्जन अनुज्ञप्ति

बैठक में एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय प्रतिमा विसर्जन से संबंधित रहा। सदस्यों ने सर्वसम्मति से प्रतिमा विसर्जन अनुज्ञप्ति संयुक्त सचिव त्रिशानु राय के नाम हस्तांतरित करने का फैसला लिया। समिति के अनुसार, अनुज्ञप्ति हस्तांतरण से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है।

ऐतिहासिक परंपरा को भव्यता के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प

आमला टोला की दुर्गा पूजा चाईबासा में आस्था, सामाजिक सहभागिता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक मानी जाती है। 1870 से चली आ रही यह परंपरा कई पीढ़ियों को जोड़ते हुए आज भी श्रद्धालुओं के बीच अपनी विशेष पहचान बनाए हुए है।

बैठक में समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संकल्प लिया कि दुर्गा पूजा-2026 के 156वें वर्ष के आयोजन को परंपरा की गरिमा के अनुरूप भव्य और यादगार बनाया जाएगा। इसके लिए समिति के सभी सदस्य आपसी सहयोग और सामूहिक सहभागिता से तैयारियों को आगे बढ़ाएंगे।

बैठक में सचिव प्रभाष कुमार सरकार, चित्तरंजन दास, प्रसुन कुमार राय, आलोक मजुमदार, कृषनेन्दु राय, अनूप मुखर्जी, गौतम सरकार, रोहित रूंगटा, सुदीप सिन्हा, कौशिक पिरोजीवाला, मानव जोशी, दीपक सेनगुप्ता, देबनाथ सरकार, सुभम शर्मा, पार्थो सेनगुप्ता, भरत रूंगटा, सोमेन सरकार, तड़ित विश्वास, स्वाधीन बनर्जी, अभिजीत सरकार, अरुण बनर्जी, पिंटू घोष समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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