Chaibasa (चाईबासा) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुवा थाना क्षेत्र से अंधविश्वास और क्रूरता की एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। बोयकेड़ा पंचायत के बुंडूकोचा वनग्राम में डायन होने के संदेह में एक 55 वर्षीय बुजुर्ग महिला की धारदार हथियार से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। आरोपियों ने अपराध को छुपाने की नीयत से शव को पास के जंगल की एक गहरी खाई में फेंक दिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।
डायन-बिसाही हत्या चाईबासा: अंधविश्वास की खौफनाक वारदात में बुज़ुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या
जंगल से आ रही दुर्गंध के बाद खुला राज
मृतका की पहचान बाईबेड़ा गांव निवासी चांदू पुर्ती (पति स्वर्गीय विनोद पुर्ती) के रूप में की गई है। घटना रविवार शाम की बताई जा रही है। वारदात के बाद जब दो दिनों तक महिला का कोई सुराग नहीं मिला और मंगलवार को घर से करीब 200 मीटर दूर जंगल से तेज दुर्गंध आने लगी, तब ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना सोनुवा थाना पुलिस को दी।
खाई से बरामद हुआ शव, पोस्टमार्टम के लिए भेजा
सूचना मिलते ही सोनुवा थाना पुलिस मंगलवार शाम को बुंडूकोचा वनग्राम के जंगलों में पहुंची और तलाशी अभियान चलाकर खाई से शव को बरामद किया। पुलिस के अनुसार, वृद्धा की हत्या किसी धारदार हथियार से गला रेतकर की गई थी। सोनुवा थाना प्रभारी ने बताया कि शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए चाईबासा सदर अस्पताल भेज दिया गया है।
पत्नी की बीमारी के शक में ली जान, एक गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और हत्या के आरोप में पनसुआँ गांव निवासी 26 वर्षीय प्रेमजीत बानरा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी प्रेमजीत ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसकी पत्नी काफी समय से बीमार चल रही थी। इलाज के बाद भी जब वह ठीक नहीं हुई, तो उसे मृतका के डायन होने का शक हुआ। इसी अंधविश्वास के चलते उसने तीन अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस की छापेमारी जारी, कानून के तहत होगी सख्त कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस के समक्ष इस हत्याकांड में शामिल तीन अन्य फरार युवकों के नामों का भी खुलासा किया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की है और इलाके में उपजे तनाव को देखते हुए स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सोनुवा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ओझा-गुनी और डायन जैसी कुप्रथाओं और अंधविश्वास से दूर रहें। किसी भी बीमारी की स्थिति में तांत्रिकों के चक्कर में पड़ने के बजाय अस्पताल जाकर डॉक्टर से इलाज कराएं। पुलिस ने साफ किया है कि इस मामले में ‘डायन-प्रथा प्रतिषेध अधिनियम’ के तहत दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







