रांची: जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने कंपाउंड आर्चरी स्पर्धा में ऐतिहासिक ‘गोल्डन क्लीन स्वीप’ करते हुए तिरंगे का मान बढ़ाया है। भारत ने महिला, पुरुष और मिक्स्ड टीम—तीनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा।
आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAI) के अध्यक्ष अर्जुन मुंडा ने रांची स्थित अपने आवास पर प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा, “Aichi-Nagoya Asian Games में हमारे तीरंदाजों का यह प्रदर्शन पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। यह केवल तीन स्वर्ण पदकों की जीत नहीं, बल्कि विश्व मंच पर भारतीय तीरंदाजी की बढ़ती ताकत और लॉस एंजेलिस ओलंपिक (LA28) की ओर भारत के मजबूत कदम का प्रतीक है।”
ऐतिहासिक उपलब्धियां और LA28 का पहला कोटा
* महिला टीम ने रचा इतिहास: चिकीथा तनिपार्थी, ज्योति सुरेखा वेन्नम और पृथिका प्रदीप की भारतीय महिला टीम ने फाइनल में चीन को पराजित किया और 238 अंक बनाकर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।
* पहला ओलंपिक कोटा: मिक्स्ड टीम में साहिल जाधव और चिकीथा तनिपार्थी ने रोमांचक शूट-ऑफ (10,10 बनाम X,9) में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत LA28 में पहली बार शामिल हो रही कंपाउंड आर्चरी का ओलंपिक कोटा हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश बना।
* पुरुष टीम का दबदबा: पुरुष कंपाउंड टीम ने भी शानदार प्रदर्शन से स्वर्ण जीतकर क्लीन स्वीप को मुकम्मल किया। हांगझोउ के बाद भारत ने लगातार दूसरी बार यह ऐतिहासिक कारनामा दोहराया है।
धीरज बोम्मदेवरा ने बनाया एशियन गेम्स रिकॉर्ड
रिकर्व वर्ग में स्टार तीरंदाज धीरज बोम्मदेवरा ने क्वालिफिकेशन राउंड में 698 अंक बनाकर नया एशियन गेम्स रिकॉर्ड कायम किया।
श्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि इस ऐतिहासिक सफलता ने खिलाड़ियों की वर्षों की मेहनत को साबित किया है और LA28 की तैयारियों को नई ऊर्जा दी है।








