विद्यालयों में प्रारंभिक स्तर पर बांग्ला समेत क्षेत्रीय जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई नहीं होना गंभीर विषय : विधायक


Chaibasa : निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन की ओर से स्थानीय पिल्लई हाल में पंडित ईश्वर चंद्र विद्यासागर की जयंती मनाई गई. समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक दीपक बिरुवा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में केयू बंग्ला विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. तपन कुमार खांड़ा, मदन मोहन दारिपा, गौतम भटटाचार्य, डॉ. शिप्रा भटटाचार्य, बिपुल गुप्ता, आशीष गुप्ता, देवव्रत सिन्हा उपस्थित हुए. जिनके हाथों से विधिवत दीप प्रज्वलित कर एवं पंडित ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया.

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दीप प्रज्वलित करते विधायक दीपक बिरूवा

मौके पर विधायक दीपक बिरूवा ने कहा कि पंडित ईश्वर चन्द्र विद्यासागर एक प्रसिद्ध दार्शनिक, शिक्षाविद, समाज सुधारक, लेखक, अनुवादक और परोपकारी व्यक्ति थे. वे नारी शिक्षा के समर्थक थे. उनके प्रयास से ही कोलकाता समेत अन्य स्थानों में बहुत अधिक बालिका विद्यालयों की स्थापना हुई. उन्होंने विधवा पुनर्विवाह के लिए लोकमत तैयार किया. उन्हीं के प्रयास से विधवा पुनर्विवाह कानून भी पारित हुआ. उन्होंने बाल विवाह का भी विरोध किया. यही नहीं उन्होंने बांग्ला भाषा के गद्य को सरल एवं आधुनिक बनाने का काम किया. उनका कार्य सदा याद किया जाएगा. उनके बताए गए मार्ग पर बंगाली समुदाय के लोगों को चलने की जरूरत है. विधायक जी ने कहा कि यहां के विद्यालयों में प्रारंभिक स्तर पर बांग्ला भाषा समेत क्षेत्रीय जनजातीय भाषाओं की पढ़ाई नहीं होना गंभीर विषय है. जरूरत पड़ने पर विधानसभा में बात को रखा जाएगा.

कार्यक्रम को सफल बनाने में निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन के असीत कुमार चटर्जी, काबु दत्ता, आशीष कुमार सिन्हा समेत अन्य का योगदान सराहनीय रहा.

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