Adityapur (आदित्यपुर) नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 14 में चहारदीवारी निर्माण को लेकर उठे विवाद पर पूर्व पार्षद बरजो राम हांसदा ने प्रेस वार्ता कर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि जिस जमीन पर चहारदीवारी बनाई जा रही है, वह पूरी तरह उनके पूर्वजों की है। जमीन की जमाबंदी उनके बड़े भाई स्वर्गीय दारा मांझी के नाम से दर्ज है ,और इस पर किसी प्रकार का सरकारी दावा लागू नहीं होता।
बरजो राम ने बताया कि मांझीटोला का इतिहास करीब 100 वर्ष पुराना है। यहां आदिवासी और माझी समुदाय के लोग सबसे पहले आकर बसे थे, जिनके नाम पर इस बस्ती का नामकरण किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक स्वार्थवश उनकी छवि खराब करने और आगामी नगर निकाय चुनाव को प्रभावित करने की नीयत से भ्रामक प्रचार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में यह आरोप लगाए गए थे कि खाता संख्या 48, खेसरा संख्या 88 और 91 की लगभग 20 डिसमिल भूमि पर चहारदीवारी निर्माण के दौरान पीछे स्थित मंदिर की ओर सरकारी जमीन को भी घेरने की कोशिश की गई।
पूर्व पार्षद ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे जल, जंगल और जमीन के संरक्षक रहे हैं, लेकिन उन्हें गलत तरीके से भक्षक की तरह प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वे इस प्रकरण में साजिशकर्ताओं के खिलाफ न्यायालय से सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
प्रेस वार्ता में पार्षद रंजन सिंह, बिनोति हांसदा, सुनील तिर्की ,राधा देवी, दारा मांझी की बेटी सबिता मांझी, गणेश कुमार, विलियम गुड़िया, रवि गोप ,ललित सरदार, बाल्मीकि गुप्ता, गुलठू लोहार, कानू लोहार ,सामू महतो आदि मौजूद थे।