Jamshedpur (जमशेदपुर) : सोमवार को आयोजित टाटा वर्कर्स यूनियन की कमेटी मीटिंग में महासचिव सतीश सिंह ने दो समिति सदस्यों के वेतन को सभी सदस्यों के सामने सार्वजनिक करने का प्रयास किया. उन्होंने कहा कि “आपका वेतन बहुत बढ़ गया है.” यूनियन के सदस्यों ने इसे व्यक्तिगत गोपनीयता का उल्लंघन और गंभीर आचार संहिता का उल्लंघन बताया है. सदस्यों ने इस कृत्य के खिलाफ अध्यक्ष को लिखित शिकायत देकर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि कर्मचारियों की गोपनीयता, सम्मान और यूनियन की गरिमा सुरक्षित रह सके
वेतन सार्वजनिक करना वार्ता प्रक्रिया पर डालता है प्रभाव
यूनियन के सदस्यों का कहना हैं कि इस समय कंपनी में वेतन पुनरीक्षण (wage revision) की वार्ता चल रही है. ऐसे संवेदनशील समय में वरिष्ठ पदाधिकारी द्वारा यह बयान कि “कर्मचारियों की सैलरी बढ़ गई है”- कर्मचारियों की bargaining power को कमजोर करता है और प्रबंधन को गलत संदेश भेज सकता है.
पिछले वेतन पुनरीक्षण में हुआ था नुकसान
सदस्यों ने यह भी याद दिलाया कि पिछले वेतन पुनरीक्षण (wage revision) के दौरान, जब सतीश सिंह स्वयं bargainer थे, तब कर्मचारियों – विशेषकर New Series को गंभीर नुकसान हुआ था. इसमें DA का zero grade लागू करना, DA per point में कोई बढ़ोतरी न करना, वेतन संशोधन की अवधि को 5 से बढ़ाकर 7 साल करना, और New Series कर्मचारियों का increment value कम करना शामिल था. इन फैसलों का असर आज भी महसूस किया जा रहा है.
यूनियन की छवि और कर्मचारियों के हित में चिंता
सदस्यों का कहना है कि कमेटी मीटिंग में वेतन सार्वजनिक करना यह दर्शाता है कि महासचिव अपनी जिम्मेदारी और मर्यादा को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. यूनियन के सदस्यों ने इसे निरंकुश व्यवहार बताया और कहा कि इससे कर्मचारियों की गोपनीयता और यूनियन की प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. उन्होंने इस कृत्य पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है और उचित कार्रवाई की मांग की है.