पश्चिमी सिंहभूम में बाल संरक्षण योजना की समीक्षा: अब 100 परिवार उठाएंगे अनाथ बच्चों के पालन-पोषण का जिम्मा

उपायुक्त चंदन कुमार ने पश्चिमी सिंहभूम में बाल संरक्षण योजना की समीक्षा की। उन्होंने जोखिम वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास और फोस्टर केयर हेतु 100 नए परिवारों को चिन्हित करने का लक्ष्य दिया।

 

बाल संरक्षण योजनाओं को लेकर बैठक करते उपायुक्त
बाल संरक्षण योजनाओं को लेकर बैठक करते उपायुक्त

Chaibasa (चाईबासा): जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य केंद्र पश्चिमी सिंहभूम में बाल संरक्षण योजना, बाल कल्याण, बाल सुधार गृह और बाल तस्करी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करना था। बैठक में उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

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स्पॉन्सरशिप और फोस्टर केयर में जिला अग्रणी

​उपायुक्त ने जिले में चल रही विभिन्न बाल कल्याण योजनाओं की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। बैठक में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी सिंहभूम में बाल संरक्षण योजना के तहत अब तक:

  • स्पॉन्सरशिप योजना: कुल 454 बच्चों को लाभान्वित किया गया है।
  • फोस्टर केयर (पालन-पोषण देखभाल): 17 बच्चों को सुरक्षित परिवारों के साथ जोड़ा गया है।
  • आफ्टर केयर (18+ आयु): 5 युवाओं को उनके बेहतर भविष्य के लिए सहायता प्रदान की गई है।

100 नए परिवारों को चिन्हित करने का लक्ष्य (H2: पश्चिमी सिंहभूम में बाल संरक्षण योजना)

​समीक्षा के दौरान उपायुक्त श्री चंदन कुमार ने निर्देश दिया कि जोखिम वाले तबके के बच्चों का सर्वांगीण विकास हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को लक्ष्य देते हुए कहा कि फोस्टर केयर (परिवार आधारित पालन-पोषण) के तहत जिले के कम से कम 100 इच्छुक परिवारों को चिन्हित किया जाए।

​इन परिवारों को उन बच्चों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी जो कठिन परिस्थितियों में बिना अभिभावक के रह रहे हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इन बच्चों की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें योजनाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।

एसओएस चिल्ड्रेन विलेज (SOS Children’s Village) की स्थापना पर चर्चा

​जिले में निराश्रित बच्चों के लिए ग्रुप फोस्टर केयर मॉडल विकसित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। इसके लिए ‘एसओएस चिल्ड्रेन विलेज’ की स्थापना की संभावनाओं पर चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अगली बैठक में एसओएस संचालक को अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए ताकि आवश्यक कार्यवाही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।

बैठक में उपस्थित मुख्य अधिकारी

​इस उच्चस्तरीय बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती श्वेता भारती, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा कोषांग श्री खुशेन्द्र सोनकेशरी, श्रम अधीक्षक अविनाश ठाकुर और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्रीमती पुनीता तिवारी सहित विभिन्न गैर सरकारी संगठनों (NGOs) के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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