रेल यात्रियों की जान खतरे में: बच्चों की शरारत से जमशेदपुर में बड़ा रेल हादसा टला

Jamsedpur (जमशेदपुर) : रेल यात्रियों की जान खतरे में डालने वाली एक गंभीर घटना मंगलवार को जमशेदपुर के मखदुमपुर इलाके में सामने आई, जब बादामपहाड़–टाटानगर पैसेंजर ट्रेन के मार्ग पर हाईटेंशन तार में लाल कपड़ा फंसा हुआ पाया गया। समय रहते लोको पायलट की सतर्कता से एक बड़ा रेल हादसा टल गया और सैकड़ों यात्रियों की जान बच सकी।

यात्रियों की जान बचाने वाले जांबाज आरपीएफ के सहायक उप निरीक्षक को रेल मंत्री ने सिल्वर मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित

रेल यात्रियों की जान खतरे में

कैसे टला बड़ा रेल हादसा

जैसे ही बादामपहाड़–टाटानगर पैसेंजर ट्रेन मखदुमपुर क्षेत्र के पास पहुंची, लोको पायलट की नजर ऊपर हाईटेंशन तार में लटक रहे लाल कपड़े पर पड़ी। यह दृश्य बेहद खतरनाक था क्योंकि इस स्थिति में रेल यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। खतरे को तुरंत भांपते हुए लोको पायलट ने बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया।

लोको पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय के कारण ट्रेन को समय रहते रोक लिया गया। यदि कुछ सेकेंड की भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।

हाईटेंशन तार में फंसा लाल कपड़ा बना खतरा

रेलवे सूत्रों के अनुसार, हाईटेंशन तार में किसी भी प्रकार का कपड़ा या वस्तु फंसना बेहद खतरनाक होता है। इससे बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ ट्रेन के संपर्क में आने पर आग लगने या करंट फैलने का खतरा रहता है। इस घटना में भी रेल यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।

रेलवे टीम को सूचना मिलने के बाद मौके पर भेजा गया। तकनीकी जांच के बाद हाईटेंशन तार से लाल कपड़ा सुरक्षित तरीके से हटाया गया।

बच्चों की शरारत की आशंका

प्राथमिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह घटना बच्चों की शरारत का नतीजा हो सकती है। हालांकि यह शरारत जानलेवा साबित हो सकती थी। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की लापरवाही से न सिर्फ रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचता है, बल्कि रेल यात्रियों की जान खतरे में पड़ जाती है।

यात्रियों को हुई परेशानी

घटना के कारण पैसेंजर ट्रेन करीब एक घंटे तक मखदुमपुर के पास खड़ी रही। इससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई, वहीं कुछ यात्रियों में डर और अफरातफरी का माहौल भी देखने को मिला।

रेलवे प्रशासन की सख्त चेतावनी

रेलवे प्रशासन ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। अधिकारियों ने आसपास के ग्रामीणों और अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को रेलवे ट्रैक, ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन और हाईटेंशन तारों के आसपास जाने से सख्ती से रोकें।

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में शामिल पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। क्योंकि ऐसी हरकतों से रेल यात्रियों की जान खतरे में पड़ती है और बड़ा हादसा हो सकता है।

संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील

रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें रेलवे ट्रैक या बिजली के तारों के आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत रेलवे प्रशासन या पुलिस को सूचित करें। समय पर दी गई सूचना कई जिंदगियों को बचा सकती है।

सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी

यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि थोड़ी सी लापरवाही से रेल यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। रेलवे सुरक्षा केवल प्रशासन की ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।

http://Saraikela Rail track jaam: सीकेपी -टाटा पैसेंजर ट्रेन रोजाना लेट होने से आक्रोशित यात्रियों ने हावड़ा- मुंबई रेल लाइन किया जाम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *