शहीद डिबरू पूर्ति मेमोरियल फुटबॉल प्रतियोगिता का समापन ताँतनगर प्रखण्ड में अत्यंत उत्साह, रोमांच और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर झारखंड आंदोलनकारी सह ग्रामीण संवेदक संघ के अध्यक्ष सुनील सिरका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
ग्रामीण अंचल में आयोजित यह प्रतियोगिता न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच देने का माध्यम बनी, बल्कि शहीद डिबरू पूर्ति की स्मृति को सम्मान देने का भी सशक्त प्रयास रही।

फाइनल मुकाबले में दिखा जबरदस्त रोमांच
शहीद डिबरू पूर्ति मेमोरियल फुटबॉल प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में शाकालाका बूम बूम चिरची और अल्डा स्पोर्टिंग क्लब हाथीमण्डा के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। दोनों टीमों ने शुरू से ही आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया।
निर्धारित समय में शाकालाका बूम बूम चिरची ने शानदार खेल दिखाते हुए 2–1 से जीत दर्ज कर प्रतियोगिता का खिताब अपने नाम किया। निर्णायक गोल ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया।

विजेता और उपविजेता को मिले आकर्षक पुरस्कार
समापन समारोह में पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के पुरस्कार इस प्रकार रहे—
पुरुष वर्ग पुरस्कार
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🏆 प्रथम पुरस्कार:
शाकालाका बूम बूम चिरची – खस्सी + ₹6000 नगद -
🥈 उपविजेता:
अल्डा स्पोर्टिंग क्लब हाथीमण्डा – खस्सी + ₹4000 नगद -
🥉 तृतीय पुरस्कार:
अनिल ब्रदर्स डोमरडीया – खस्सी + ₹2000 नगद -
🎖️ चौथा पुरस्कार:
मानवी एफसी – खस्सी + ₹2000 नगद 
महिला टीमों ने भी बिखेरा खेल कौशल
शहीद डिबरू पूर्ति मेमोरियल फुटबॉल प्रतियोगिता में महिला टीमों का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा। महिला वर्ग में पुरस्कार इस प्रकार वितरित किए गए—
महिला वर्ग पुरस्कार
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🏆 प्रथम पुरस्कार:
लेबोर सिंह कविराज स्पोर्टिंग क्लब, रायकोला – ₹6000 नगद -
🥈 द्वितीय पुरस्कार:
तेलेसेरेंग एफसी – ₹4000 नगद -
🥉 तृतीय पुरस्कार:
बिरूवा स्टार रूँजू – ₹2000 नगद
महिला खिलाड़ियों के उत्साह और खेल कौशल ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
मुख्य अतिथि सुनील सिरका का संबोधन
समापन समारोह को संबोधित करते हुए सुनील सिरका ने कहा—
“ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की फुटबॉल प्रतियोगिताएं युवाओं को नशे और गलत रास्तों से दूर रखती हैं तथा खेल के माध्यम से अनुशासन और नेतृत्व का विकास करती हैं।”
उन्होंने आयोजन समिति को इस सफल प्रतियोगिता के लिए बधाई दी।
ग्रामीणों और खेल प्रेमियों की रही भारी उपस्थिति
इस अवसर पर मंगल सिंह सिरका, बीरसिंह तामसोय, गोविंद चंद्र पान, अरुण पोद्दार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों का उत्साह देखते ही बनता था।
खेल प्रतिभाओं को मिला नया मंच
शहीद डिबरू पूर्ति मेमोरियल फुटबॉल प्रतियोगिता ने यह साबित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है तो केवल मंच और प्रोत्साहन की। इस प्रतियोगिता ने स्थानीय खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा दी।







