चाईबासा: चाईबासा नगर निकाय चुनाव विवाद: सियासत हुई तेज

चाईबासा नगर निकाय चुनाव विवाद

चाईबासा: चाईबासा में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। जैसे-जैसे मतदान की तिथि नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। इसी क्रम में चाईबासा नगर निकाय चुनाव विवाद उस समय गहरा गया जब भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम सिंहभूम जिला इकाई ने प्रेस वार्ता कर नगर परिषद प्रशासक पर गंभीर आरोप लगाए।

चाईबासा नगर निकाय चुनाव 2026: वार्ड-05 से पार्षद पद हेतु अनाराधा कुमारी ने ठोंकी दावेदारी

भाजपा का आरोप: आचार संहिता के बीच प्रशासनिक दबाव

जिला अध्यक्ष गीता बालमुचू ने कहा कि चुनाव अधिसूचना जारी होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है। इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन द्वारा ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं, जो चुनावी निष्पक्षता को प्रभावित कर सकते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • मुख्य बाजार क्षेत्र के छोटे दुकानदारों पर दबाव बनाया जा रहा है

  • फुटपाथ व्यवसायियों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है

  • वर्षों से जीविकोपार्जन कर रहे लोगों में भय का माहौल है

व्यापारियों में डर का माहौल

भाजपा के अनुसार व्यापारियों को कथित रूप से यह भी कहा गया कि यदि वे “ऊपरी स्तर” पर संपर्क नहीं करेंगे तो उनकी दुकानें हटा दी जाएंगी।

पार्टी का दावा है कि:

  • इससे असुरक्षा की भावना बढ़ी है

  • चुनावी वातावरण प्रभावित हो सकता है

  • निष्पक्ष मतदान पर सवाल खड़े हो सकते हैं

प्रत्याशी को लाभ पहुंचाने का आरोप

गीता बालमुचू ने आशंका जताई कि प्रशासनिक स्तर पर उठाए जा रहे कदम किसी विशेष प्रत्याशी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।

उन्होंने मांग की कि राज्य निर्वाचन आयोग तत्काल संज्ञान ले और:

  • नगर परिषद प्रशासक को चुनाव कार्य से अलग करे

  • निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करे

पूर्व जिला अध्यक्ष ने भी उठाए सवाल

भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश पुरी ने भी प्रशासनिक कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा:

  • पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो

  • चुनाव संपन्न होने तक अधिकारी को दूर रखा जाए

आचार संहिता उल्लंघन का भी आरोप

चाईबासा नगर निकाय चुनाव विवाद में एक और आरोप सामने आया है। सतीश पुरी ने कहा कि:

  • आचार संहिता लागू होने के बावजूद

  • नगर क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य कराया जा रहा है

उन्होंने इसे चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला कदम बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की।

लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर की आशंका

भाजपा नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव सर्वोपरि है। किसी भी प्रकार की प्रशासनिक पक्षधरता स्वीकार्य नहीं हो सकती।

पार्टी ने चेतावनी दी कि:

  • यदि कार्रवाई नहीं हुई

  • तो मामला उच्च स्तर पर उठाया जाएगा

राजनीतिक माहौल लगातार गरम

पश्चिम सिंहभूम जिले में नगर निकाय चुनाव को लेकर पहले ही राजनीतिक सक्रियता चरम पर है। ऐसे में चाईबासा नगर निकाय चुनाव विवाद ने चुनावी माहौल को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

आने वाले दिनों में:

  • निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया

  • प्रशासनिक स्पष्टीकरण

  • राजनीतिक रणनीति

पर सबकी नजर रहेगी।

http://चाईबासा नगर निकाय चुनाव स्क्रूटनी: आज नामांकन जांच में तय होगी प्रत्याशियों की किस्मत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *