होमलेस फुटबॉल वर्ल्ड कप चैंपियनशिप 2026 में चाईबासा के छह उदीयमान खिलाड़ियों का भारतीय टीम में चयन पूरे झारखंड के लिए गर्व का क्षण है। सामाजिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि से आने वाले इन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच बनाई है।
यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट Homeless World Cup के नाम से विश्वभर में आयोजित होता है, जिसका उद्देश्य फुटबॉल के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाना है।
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होमलेस फुटबॉल वर्ल्ड कप चैंपियनशिप क्या है?
होमलेस फुटबॉल वर्ल्ड कप चैंपियनशिप एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है, जिसमें विभिन्न देशों के बेघर या सामाजिक रूप से वंचित खिलाड़ी भाग लेते हैं। इस पहल से जुड़े भारत के संगठन Slum Soccer ने देशभर से प्रतिभाओं को मंच प्रदान किया है।

चयन कैसे हुआ?
गोवा में आयोजित National Inclusion Football Cup Championship में शानदार प्रदर्शन के आधार पर इन खिलाड़ियों का चयन किया गया।
प्रशिक्षण शिविर Nagpur में आयोजित होगा, जिसके बाद टीम Mexico में आयोजित होमलेस फुटबॉल वर्ल्ड कप चैंपियनशिप में हिस्सा लेगी।

चयनित खिलाड़ी
पुरुष टीम
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रमेश कारवा
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ललित प्रिय बेंकुरा
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सूरज बिरुली
महिला टीम
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बनफूल तुबिद
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पुनामी बागे
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मोनिका पुरती
इन सभी खिलाड़ियों ने होमलेस फुटबॉल वर्ल्ड कप चैंपियनशिप के लिए कठिन परिश्रम और अनुशासन के बल पर जगह बनाई है।

झारखंड के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
होमलेस फुटबॉल वर्ल्ड कप चैंपियनशिप में चयन केवल खेल उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की मिसाल है। यह साबित करता है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर कोई भी युवा अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकता है।
होमलेस फुटबॉल वर्ल्ड कप चैंपियनशिप 2026 में चाईबासा के खिलाड़ियों का चयन पूरे पश्चिमी सिंहभूम और झारखंड के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उम्मीद है कि ये खिलाड़ी मैक्सिको में भारत का गौरव बढ़ाएंगे और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेंगे।







