चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम): सरहुल पूजा चाईबासा को लेकर सोमवार को स्टूडेंट क्लब, मेरी टोला में सरहुल पूजा कमिटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्री नवल कच्छप ने की, जिसमें इस वर्ष आयोजित होने वाले सरहुल पूजा एवं शोभायात्रा की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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बैठक में जानकारी दी गई कि आदिवासियों का महान प्राकृतिक पर्व सरहुल प्रत्येक वर्ष चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इसी क्रम में इस वर्ष 21 मार्च 2026 (शनिवार) को यह पर्व पूरे उत्साह, पारंपरिक रीति-रिवाज और धूमधाम के साथ मनाया जाएगा।
समिति के अध्यक्ष श्री नवल कच्छप एवं संरक्षक श्री संचू तिर्की ने बताया कि इस दिन उरांव, मुंडा, खड़िया, लोहार सहित विभिन्न आदिवासी समुदाय के लोग अपने-अपने पूजा स्थलों पर जाकर प्रकृति पूजा करेंगे और समाज की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। सरहुल पर्व प्रकृति के प्रति आस्था और कृतज्ञता का प्रतीक है, जिसमें साल वृक्ष के नए पत्ते और फूलों को प्रकृति के उपहार के रूप में इष्ट देवी को अर्पित कर पूजा-अर्चना की जाती है।
समिति के सचिव श्री लालू कुजूर ने बताया कि सरहुल पर्व के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 21 मार्च को सुबह 10 बजे मेरी टोला सरहुल चौक से एक विशाल बाइक रैली निकाली जाएगी। इसके बाद दोपहर 2 बजे सरहुल की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः मेरी टोला चौक पर आकर समाप्त होगी। इसके लिए सभी अखाड़ों और सामाजिक संगठनों से तैयारी करने का आह्वान किया गया है।
समिति की महिला सदस्य श्रीमती किरण नुनिया ने अपील की कि आयोजन में शामिल होने वाले सभी स्त्री-पुरुष पारंपरिक वेशभूषा में भाग लें, ताकि सरहुल पर्व की सांस्कृतिक पहचान और गरिमा बनी रहे।
बैठक के अंत में सलाहकार श्री कृष्णा टोप्पो ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी लोगों से सरहुल पूजा के आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने की अपील की।








