Gamharia Krusti Deepa Mahotsav: आध्यात्मिक संगम: कृष्टी दीपा महोत्सव में उमड़ी लाखों की भीड़, भक्ति के रंग में रंगे पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा

सरायकेला के रामचंद्रपुर मैदान

सरायकेला (गम्हरिया): सरायकेला जिले के गम्हरिया स्थित रामचंद्रपुर मैदान में आयोजित ‘कृष्टी दीपा महोत्सव’ ने रविवार को एक भव्य आध्यात्मिक स्वरूप ले लिया। ‘अखंड कोल्हान महोत्सव’ के रूप में मनाए जा रहे इस आयोजन में झारखंड के विभिन्न कोनों और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया।

Saraikela Chaitra Parv: सरायकेला: “चैत्र पर्व को महोत्सव न बनाएं, परंपरा से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं” – राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव

सरायकेला के रामचंद्रपुर मैदान

​भक्ति और लोक संस्कृति का अनूठा मेल

​महोत्सव के दौरान ठाकुर अनुकूल चंद्र के अनुयायियों की भारी उपस्थिति रही। वातावरण भजनों और आध्यात्मिक गीतों से सराबोर रहा, वहीं आकर्षक लोक नृत्यों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा अपनी पत्नी के साथ एक साधारण श्रद्धालु की तरह पहुंचे। उन्होंने गुरु के चरणों में माथा टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद लिया। उनके साथ मालदा भाजपा प्रभारी गुरुचरण नायक व कई स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

सरायकेला के रामचंद्रपुर मैदान

​”मानव कल्याण और शांति को समर्पित है यह पर्व”: मुंडा

​मीडिया से बातचीत के दौरान अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह महोत्सव विशुद्ध रूप से सुख, शांति और मानव जीवन के उत्थान को समर्पित है। उन्होंने जोर देते हुए कहा:
​”भारत की प्राचीन संस्कृति में गुरु और ऋषि-मुनियों का मार्गदर्शन ही हमारी असली शक्ति है। इसी आध्यात्मिक बल पर देश आज वैश्विक चुनौतियों के बीच आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रगति कर रहा है।”

​राजनीतिक गलियारों में चर्चा

​हालाँकि अर्जुन मुंडा ने इसे पूरी तरह गैर-राजनीतिक आयोजन बताया, लेकिन पश्चिम बंगाल से आए श्रद्धालुओं की भारी संख्या ने आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी चर्चाएं तेज कर दी हैं। देर शाम तक चली इस प्रार्थना सभा में श्रद्धालुओं ने सामूहिक शांति पाठ कर विश्व कल्याण की कामना की।

http://Saraikela Chhau Mahotsav: सरायकेला: राजकीय चैत्र पर्व छऊ महोत्सव 2026 की तैयारियाँ शुरू, 6 अप्रैल से लोक कला की धूम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *