Gua Employment Protest Jharkhand के तहत सारंडा क्षेत्र के 18 गांवों के बेरोजगार युवाओं ने रोजगार और समान वेतन की मांग को लेकर गुवा स्थित सेल प्रबंधन के जनरल ऑफिस के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। यह आंदोलन स्थानीय युवाओं के बढ़ते असंतोष और रोजगार की मांग को लेकर एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
मुंडा-मानकी और यूनियन के संयुक्त नेतृत्व में आंदोलन
यह प्रदर्शन सारंडा पीढ़ मानकी Lagura Devgam की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। आंदोलन में झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन और विभिन्न गांवों के मुंडा-मानकी ने मिलकर नेतृत्व किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण, ठेका मजदूर और बेरोजगार युवा इसमें शामिल हुए।
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सेल प्रबंधन के साथ हुई वार्ता
प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सेल प्रबंधन के साथ बैठक कर अपनी मांगों को विस्तार से रखा। इस दौरान रोजगार, वेतन और बहाली प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए।
प्रमुख मांगें क्या हैं?
Gua Employment Protest Jharkhand के दौरान ग्रामीणों और मजदूरों ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं:
- 18 गांवों के स्थानीय बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए
- ठेका मजदूरों के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए
- बहाली प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए
- बाहरी क्षेत्रों (किरिबुरू, बड़ाजामदा, नोवामुंडी, झिंकपानी) के लोगों की नियुक्ति रद्द कर स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिले
- रिट्रेंचमेंट का बकाया भुगतान जल्द किया जाए
प्रबंधन ने मांगा समय, दिया आश्वासन
बैठक में सेल प्रबंधन ने सभी मांगों पर विचार करने के लिए दो दिनों का समय मांगा। साथ ही आश्वासन दिया कि सोमवार को 18 गांवों के मुंडा-मानकी के साथ त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की जाएगी।
प्रबंधन ने यह भी संकेत दिया कि स्थानीय लोगों को बहाली में प्राथमिकता देने और बाहरी नियुक्तियों की जांच की जाएगी।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ यूनियन के पदाधिकारियों और मुंडा-मानकी नेताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि सोमवार तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो 21 अप्रैल को Chaibasa स्थित एएलसी कार्यालय में त्रिपक्षीय बैठक की जाएगी।
इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर व्यापक जन आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह सेल प्रबंधन की होगी।
बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी
इस आंदोलन में Rama Pandey, Antaryami Mahakud सहित कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए।
साथ ही विभिन्न गांवों के मुंडा-मानकी, ठेका मजदूर और स्थानीय ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे आंदोलन को व्यापक समर्थन मिला।
निष्कर्ष
Gua Employment Protest Jharkhand यह दर्शाता है कि सारंडा क्षेत्र में रोजगार और मजदूर अधिकारों का मुद्दा अब गंभीर रूप ले चुका है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आंदोलन आने वाले दिनों में बड़े जन आंदोलन में बदल सकता है।
http://SAIL Gua Labour Exploitation के खिलाफ मजदूरों की एकजुट लड़ाई








