चाईबासा भाजपा बिजली बिल प्रदर्शन के तहत भारतीय जनता पार्टी ने राज्यव्यापी एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन के क्रम में चाईबासा स्थित पुराने डीसी कार्यालय के समीप जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गीता बलमूछू ने की, जिसमें सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।
चाईबासा भाजपा बिजली बिल प्रदर्शन में सरकार पर तीखा हमला
चाईबासा भाजपा बिजली बिल प्रदर्शन में मुख्य वक्ता अभय सिंह ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता का दावा करती है, लेकिन गरीब जनता पर बिजली दर बढ़ाना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने 200 करोड़ की अधूरी योजनाओं, भ्रष्टाचार और अनियमित बिलिंग को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

चाईबासा भाजपा बिजली बिल प्रदर्शन: किसानों और गरीबों पर असर
चाईबासा भाजपा बिजली बिल प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष गीता बलमूछू ने कहा कि बिजली दर में बढ़ोतरी का सीधा असर किसानों, मजदूरों, छोटे उद्योगों और आदिवासी समाज पर पड़ेगा। उन्होंने जले हुए ट्रांसफार्मर, मुआवजा न मिलने और विभागीय लापरवाही जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
चाईबासा भाजपा बिजली बिल प्रदर्शन में नेताओं के विचार
चाईबासा भाजपा बिजली बिल प्रदर्शन में कई नेताओं ने अपने विचार रखे:
- जवाहरलाल बांनरा ने सरकार की नीतियों को किसान और गरीब विरोधी बताया
- जे बी तुबिड ने बिजली व्यवस्था में बढ़ते भ्रष्टाचार पर चिंता जताई
- बंडकुवर गागराई ने ग्रामीण क्षेत्रों में खराब बिजली व्यवस्था का मुद्दा उठाया
- संजू पांडे ने मनमानी बिलिंग पर नाराजगी जताई
- बबलू शर्मा ने अवैध खनन और बिजली दर बढ़ोतरी के संबंध पर सवाल उठाए

चाईबासा भाजपा बिजली बिल प्रदर्शन: आंदोलन तेज करने की चेतावनी
चाईबासा भाजपा बिजली बिल प्रदर्शन में सभी नेताओं ने एक स्वर में बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लेने और व्यवस्था में सुधार की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन भूषण पाट पिंगुआ ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन राकेश पोद्दार ने दिया। इस दौरान अजीत सिंह, धर्मवीर पासवान, रंजन प्रसाद, हेमंत केशरी, सतीश पुरी, धीरज सिंह, मुकेश कुमार, मृदुला निषाद, जानकी देवी, सुमन बीरूवा, मजहर हुसैन सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
निष्कर्ष
चाईबासा भाजपा बिजली बिल प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बिजली दर बढ़ोतरी और विभागीय अव्यवस्था को लेकर जनता और विपक्ष में गहरा असंतोष है। आने वाले समय में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक रूप ले सकता है, जिससे राज्य सरकार पर दबाव बढ़ेगा।








