हजारीबाग नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत झारखंड में सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। झारखंड पुलिस और CoBRA 209 Battalion के संयुक्त अभियान में हजारीबाग-चतरा सीमावर्ती खपिया जंगल क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान 4 कुख्यात माओवादी मारे गए।
हजारीबाग नक्सल उन्मूलन अभियान में मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम
हजारीबाग नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत 17 अप्रैल 2026 को केरेडारी थाना क्षेत्र के खपिया जंगल में सुरक्षा बलों ने गुप्त सूचना के आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया। दोपहर करीब 1 बजे माओवादी दस्ते के साथ मुठभेड़ हुई, जिसके बाद क्षेत्र में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया।

हजारीबाग नक्सल उन्मूलन अभियान: मारे गए नक्सलियों की पहचान
हजारीबाग नक्सल उन्मूलन अभियान में मारे गए 4 नक्सलियों की पहचान इस प्रकार हुई:
- शहदेव महतो – रिजनल कमेटी सदस्य, 15 लाख का इनामी (41 मामले)
- रंजीत गंझु – जोनल कमेटी सदस्य, 10 लाख का इनामी (9 मामले)
- नताशा – सब-जोनल कमेटी सदस्य (17 मामले)
- बुधन करमाली – एरिया कमांडर, 1 लाख का इनामी (10 मामले)
इन सभी पर झारखंड और आसपास के राज्यों में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे।
हजारीबाग नक्सल उन्मूलन अभियान में बरामद हथियार
हजारीबाग नक्सल उन्मूलन अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए:
- 02 ए.के.-47 राइफल
- 01 कोल्ट एआर-15 राइफल
- 01 इंसास राइफल
इसके अलावा दैनिक उपयोग की अन्य सामग्री भी मौके से बरामद की गई।

हजारीबाग नक्सल उन्मूलन अभियान का प्रभाव
हजारीबाग नक्सल उन्मूलन अभियान के इस सफल ऑपरेशन से पारसनाथ-लुगूझुमरा क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार इस इलाके में सक्रिय दस्ते का लगभग सफाया हो चुका है, जिससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
आत्मसमर्पण की अपील
झारखंड पुलिस ने शेष बचे उग्रवादियों से अपील की है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं। यह नीति उन्हें मुख्यधारा में लौटने और बेहतर जीवन जीने का अवसर प्रदान करती है।
निष्कर्ष
हजारीबाग नक्सल उन्मूलन अभियान सुरक्षा बलों की रणनीति और समन्वय का सफल उदाहरण है। इस कार्रवाई से नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, जिससे झारखंड में शांति स्थापना को मजबूती मिलेगी।







