जमशेदपुर: जिला व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) जमशेदपुर की ओर से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान रिकॉर्ड 3,18,765 मामलों का निष्पादन किया गया, जबकि कुल 8 करोड़ 16 लाख 24 हजार 299 रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई।
प्रीलिटिगेशन और कोर्ट केसों का हुआ निपटारा
राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 3,18,765 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें 3,08,616 प्रीलिटिगेशन केस और 10,149 लंबित न्यायालयीन मामले शामिल हैं। लोक अदालत के माध्यम से आपसी समझौते और सहमति के आधार पर मामलों का त्वरित समाधान किया गया।

वर्चुअल माध्यम से हुआ उद्घाटन
राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन रांची से झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद एवं अन्य झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया।
इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि लोक अदालत आज आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को सुलभ न्याय दिलाने का सशक्त माध्यम बन चुका है।

लोक अदालत वैकल्पिक न्याय व्यवस्था की मजबूत कड़ी
अरविंद कुमार पांडेय ने कहा कि लोक अदालत भारतीय न्याय प्रणाली की उस पुरानी व्यवस्था को मजबूत करता है, जो प्राचीन भारत में प्रचलित थी। आज भी इसकी प्रासंगिकता बनी हुई है और यह वैकल्पिक न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी है।
कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार सौरव त्रिपाठी ने किया।
13 बेंच का किया गया गठन
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने में कोर्ट स्टाफ, डालसा स्टाफ और पीएलवी (अधिकार मित्र) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मामलों के निष्पादन के लिए जमशेदपुर जिला व्यवहार न्यायालय में कुल 13 बेंच गठित की गई थीं।








