चाईबासा में मानव तस्करी का बड़ा खुलासा, गुजरात भेजे जाने से पहले 36 लोगों का रेस्क्यू

होटल K2 में पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त छापेमारी, दो तस्कर गिरफ्तार

Chaibasa (चाईबासा) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और श्रम विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। होटल K2 में छापेमारी कर 30 वयस्क महिला-पुरुष और 6 नाबालिग बच्चों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया गया। सभी को कथित तौर पर बंधुआ मजदूरी के लिए गुजरात भेजने की तैयारी चल रही थी।

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जानकारी के अनुसार पोड़ाहाट अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को रविवार रात गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग ग्रामीणों और बच्चों को होटल में बंधक बनाकर रखे हुए हैं। सूचना मिलते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), श्रम विभाग और पुलिस बल की संयुक्त स्पेशल टीम गठित की गई।

टीम ने होटल K2 की घेराबंदी कर छापेमारी की, जहां से बड़ी संख्या में लोगों को बरामद किया गया। जांच में सामने आया कि मजदूरों को काम दिलाने के नाम पर गुजरात ले जाने की तैयारी थी।

मौके से गुजरात के मोरवी (राजकोट) निवासी दो आरोपियों निकुंज गोविन्द बोरसानिया और कादिवर निलेश भाई को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), बाल श्रम कानून और मानव तस्करी से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया है।

तस्करों द्वारा मजदूरों को ले जाने के लिए इस्तेमाल की जा रही ‘राजलक्ष्मी ट्रेवल्स’ की बस (OR 11H 0797) को भी पुलिस ने जब्त कर लिया। वहीं रेस्क्यू किए गए 6 नाबालिग बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के निर्देश पर चाइल्डलाइन चाईबासा की निगरानी में भेजा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग और सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।

 

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व चक्रधरपुर के सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने सशस्त्र बल के जवानों के साथ किया।

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