Dubil Mines News : दुबिल माइंस में स्थानीय रोजगार और मुआवजे की मांग को लेकर ग्राम सभा, आंदोलन की चेतावनी

Chaibasa (चाईबासा) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के छोटानागरा पंचायत अंतर्गत दुबिल गांव में शुक्रवार सुबह ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण ग्राम सभा आयोजित की गई। गांव स्थित दुलाल गुमटी के समीप सुबह 8 बजे आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता ग्राम मुंडा रामलाल चाम्पिया ने की। ग्राम सभा में गांव के विकास, स्थानीय रोजगार, मुआवजा और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ महिलाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

दुबिल

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ग्राम सभा में ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि क्षेत्र में संचालित दुबिल माइंस से स्थानीय लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि गांव सीधे तौर पर खनन गतिविधियों से प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि माइंस संचालन के बावजूद स्थानीय बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार में प्राथमिकता नहीं दी जा रही है।

बैठक में पारित पहले प्रस्ताव में मांग की गई कि दुबिल माइंस में होने वाली नियुक्तियों में सबसे पहले दुबिल गांव के बेरोजगार युवक-युवतियों को प्राथमिकता दी जाए। ग्रामीणों का कहना था कि गांव की जमीन और संसाधनों पर आधारित खनन कार्य से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलना उनका अधिकार है।

दूसरे प्रस्ताव में ग्रामीणों ने माइंस में गांव के कम से कम 200 युवक-युवतियों को रोजगार देने की मांग उठाई। ग्रामीणों ने कहा कि रोजगार के अभाव में गांव के युवा पलायन करने को मजबूर हैं। यदि स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए तो गांव की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सकेगा।

ग्राम सभा में तीसरे प्रस्ताव के तहत दुबिल माइंस से प्रभावित गांवों की बंजर और प्रभावित जमीन का उचित मुआवजा देने की मांग की गई। ग्रामीणों ने कहा कि खनन गतिविधियों के कारण कई जमीनें अनुपयोगी हो चुकी हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों को अब तक उचित मुआवजा नहीं मिला है।

बैठक में पेयजल संकट का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों ने मांग की कि दुबिल गांव के सात चापाकलों में सौर ऊर्जा आधारित जलमीनार लगाकर नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने कहा कि गर्मी के दिनों में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है, जिससे महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

ग्राम सभा के अंत में ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित कंपनी प्रबंधन से मांग की कि पारित प्रस्तावों पर जल्द सकारात्मक पहल की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों की अनदेखी की गई तो आने वाले दिनों में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

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