चाईबासा: झारखंड के चक्रधरपुर रेल मंडल से इंसानियत को तार-तार कर देने वाली एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की रूह कंपा दी है। हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक कलयुगी मां ने अपनी गोद में सोए महज डेढ़ महीने के मासूम बच्चे को चलती ट्रेन की खिड़की से नीचे फेंक दिया, जिससे ट्रैक पर गिरकर उसकी दर्दनाक मौत हो गई। दिल दहला देने वाली इस वारदात के बाद ट्रेन में चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि जब महिला ने अपने तीन साल के दूसरे बच्चे को भी खिड़की से बाहर फेंकने की कोशिश की, तो बोगी में मौजूद यात्रियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे दबोच लिया और बच्चे की जान बचा ली। पुलिस इस रोंगटे खड़े कर देने वाले कदम के पीछे की वजह तलाशने में जुट गई है।
चाईबासा (झारखंड): चक्रधरपुर रेल मंडल से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है। यहाँ हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक मां ने अपने ही डेढ़ महीने के मासूम बच्चे को चलती ट्रेन की खिड़की से नीचे फेंक दिया। इस दर्दनाक हादसे में नवजात की मौके पर ही मौत हो गई। इतना ही नहीं, महिला ने अपने तीन साल के दूसरे बच्चे को भी ट्रेन से बाहर फेंकने की कोशिश की, लेकिन सह-यात्रियों की मुस्तैदी और सतर्कता से उसकी जान बच गई।

यह दिल दहला देने वाली घटना बुधवार को ट्रेन संख्या 12021 हावड़ा-बड़बिल जनशताब्दी एक्सप्रेस में राजखरसावां और महालीमरूप स्टेशन के बीच घटित हुई।
अचानक खिड़की से बच्चे को फेंका, दहल गए यात्री
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रेन अपनी रफ्तार में चल रही थी, तभी अचानक महिला अपनी सीट से उठी और अपनी गोद में सोए डेढ़ माह के नवजात को खिड़की से बाहर उछाल दिया। घटना इतनी तेजी से हुई कि जब तक कोच में बैठे लोग कुछ समझ पाते, बच्चा ट्रैक पर गिर चुका था।
महिला यहीं नहीं रुकी, उसने तुरंत अपने दूसरे 3 वर्षीय बच्चे को भी खिड़की की तरफ खींचकर बाहर फेंकने का प्रयास किया। लेकिन इस बार बोगी में मौजूद यात्रियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और महिला को दबोचकर बच्चे को उसकी चंगुल से बचा लिया। यात्रियों ने फौरन इसकी सूचना रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दी और महिला व उसके पति को पकड़ कर रखा।
ट्रैक किनारे मिला मासूम का शव, पसरा मातम
घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) की टीमें तुरंत एक्शन में आईं। सिनी पोस्ट से जवानों को तत्काल मौके पर भेजा गया। पुलिस ने महालीमरूप और राजखरसावां स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर घंटों लंबा सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसके बाद झाड़ियों के पास से मासूम का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। बच्चे का शव देखते ही मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया।
प्रेम विवाह और पुलिसिया दबाव का मामला!
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला की पहचान पश्चिम सिंहभूम जिले के मझगांव क्षेत्र की रहने वाली मुद्रावती गोप के रूप में हुई है। वहीं उसके पति का नाम शाहबुद्दीन है, जो पश्चिम बंगाल का रहने वाला है।
क्या है बैकग्राउंड?
मिली जानकारी के मुताबिक, करीब 4 साल पहले शाहबुद्दीन महिला को अपने साथ ले गया था, जिसके बाद दोनों ने शादी कर ली थी। शादी के बाद महिला का नाम बदलकर हसीना बेगम रख दिया गया था और दोनों हैदराबाद में रह रहे थे।
महिला के परिजनों ने पहले ही मझगांव थाने में शाहबुद्दीन के खिलाफ बेटी को भगाकर शादी करने का केस दर्ज कराया था। बताया जा रहा है कि पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण यह दंपती अपने दोनों बच्चों के साथ वापस मझगांव लौट रहा था, इसी सफर के दौरान यह खौफनाक वारदात हुई।
पुलिस जांच में जुटे कई गंभीर बिंदु
फिलहाल आरोपी महिला को चाईबासा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतारकर हिरासत में ले लिया गया है। जीआरपी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम महिला से कड़ी पूछताछ कर रही है।
शुरुआती जांच में पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर एक मां अपनी ही संतान की जान लेने पर क्यों उतारू हो गई। पुलिस मानसिक तनाव (Postpartum Depression), पारिवारिक कलह, और दबाव की परिस्थितियों समेत कई अन्य गंभीर बिंदुओं पर तफ्तीश कर रही है। इलाके के लोग हैरान हैं और हर तरफ एक ही सवाल है कि कोई मां इतनी निर्मम कैसे हो सकती है।







