Adityapur (आदित्यपुर) : मंगलवार को आदित्यपुर नगर निगम सभागार में आयोजितटी बोर्ड की बैठक में पेयजल आपूर्ति की लचर व्यवस्था को लेकर भारी हंगामा हुआ। वार्ड संख्या 7 के पार्षद धनंजय गुप्ता ने क्षेत्र में पानी की गंभीर समस्या को लेकर सीधे तौर पर पेयजल आपूर्ति और रखरखाव का जिम्मा संभाल रही एजेंसी ‘जिंदल’ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बैठक के दौरान पार्षद ने नगर निगम के अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश को एक मांग पत्र सौंपा। इस मांग पत्र में उन्होंने जिंदल कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पीयूष सिन्हा की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए उन्हें अविलंब पद से हटाने की मांग की है।
4 साल से कछुआ गति से चल रहा है काम, ₹2 करोड़ के मेंटेनेंस पर उठाए सवाल
पार्षद धनंजय गुप्ता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार ने पीएचडी (PHED) से हटाकर यह काम जिंदल कंपनी जैसी निजी एजेंसी को इसलिए सौंपा था ताकि जनता को सुचारू रूप से पानी मिल सके। लेकिन कंपनी ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
• धीमी प्रगति : प्रोजेक्ट
मैनेजर ने तय समय पर पानी टंकी निर्माण और सप्लाई का भरोसा दिया था, लेकिन पिछले 4 वर्षों से काम बेहद धीमी गति से चल रहा है, जो कि पूरी तरह से दंडनीय है।
रखरखाव में लापरवाही :
जिंदल कंपनी को सालाना ₹2 करोड़ रखरखाव (मेंन्टेनेंस) के नाम पर दिए जाते हैं, लेकिन धरातल पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है। पुरानी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था जस की तस बनी हुई है।
• अधिकारियों का रवैया:
जब भी इस सुस्ती पर सवाल पूछा जाता है, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिलता। पार्षद का साफ कहना है कि इस मैनेजर के रहते आदित्यपुर की जनता को कभी पानी नहीं मिल पाएगा।
2017 में बनी पानी टंकी पर भी खड़े किए सवाल
पार्षद गुप्ता ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उनके वार्ड में वर्ष 2017 में बेसिक स्कूल’ के पास जिस पानी टंकी का उद्घाटन किया गया था, वह पूरी तरह से गुणवत्ताविहीन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह टंकी इतनी कमजोर है कि कभी भी ध्वस्त हो सकती है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी बेहद जरूरी है।
पार्षद ने दृढ़ता से कहा कि जब तक वर्तमान प्रोजेक्ट मैनेजर को हटाया नहीं जाता, तब तक क्षेत्र की पेयजल व्यवस्था में सुधार होना नामुमकिन है।







