Chaibasa (चाईबासा) : एनएच-75 (विस्तार) बायपास सड़क निर्माण के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एसटी आयोग) के निर्देश पर तैयार की गई जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। जहां भू-अर्जन विभाग ने अपनी रिपोर्ट में भूमि अधिग्रहण को जनहित में बताते हुए किसी भी रैयत के भूमिहीन या विस्थापित नहीं होने का दावा किया है, वहीं झारखंड पुनरुत्थान अभियान ने रिपोर्ट को त्रुटिपूर्ण और असंतोषजनक करार दिया है।

एसटी आयोग के निर्देश पर पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने प्रस्तावित बायपास सड़क के लिए भूमि अधिग्रहण, विस्थापन, प्रवास तथा धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों पर पड़ने वाले प्रभाव की जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि अधिग्रहित की जा रही भूमि मुख्य रूप से एक फसली असिंचित धान भूमि है तथा किसी भी रैयत की 50 डिसमिल से अधिक जमीन नहीं ली जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार न तो कोई परिवार भूमिहीन होगा और न ही किसी को विस्थापित होना पड़ेगा। साथ ही सरना स्थल, पूजा स्थल या अन्य धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों को अधिग्रहण के दायरे से बाहर बताया गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि बायपास सड़क बनने से भारी वाहनों का आवागमन शहर के बाहर से होगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी। इसके अलावा आसपास की जमीनों का मूल्य बढ़ने की भी संभावना जताई गई है। भू-अर्जन पदाधिकारी ने झारखंड पुनरुत्थान अभियान द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद और निराधार बताया है।

दूसरी ओर, झारखंड पुनरुत्थान अभियान के नेतृत्वकर्ता सन्नी सिंकू ने जांच रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि भूमि सर्वेक्षण और अधिग्रहण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं। उनका आरोप है कि ड्रोन के माध्यम से कार्यालय में बैठकर सर्वे किया गया, जबकि प्रभावित रैयतों और ग्रामीणों से कोई सीधा संवाद नहीं किया गया।उन्होंने दावा किया कि कई गांवों के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थल अधिग्रहण की जद में हैं, जिसे रिपोर्ट में नजरअंदाज किया गया है।
सन्नी सिंकू ने चेतावनी दी कि यदि त्रुटिपूर्ण सर्वे और अधिग्रहण प्रक्रिया को नहीं रोका गया तो व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में आदिवासी धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण का कानूनी प्रावधान है, जिसका उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा।
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