विश्व पर्यावरण दिवस: झारखंड प्रदूषण नियंत्रण पर्षद ने बच्चों के बीच आयोजित की चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता
Adityapur (आदित्यपुर) : विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के विशेष अवसर पर झारखंड प्रदूषण नियंत्रण परिषद द्वारा पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस संबंध में परिषद के क्षेत्रीय पदाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह ने विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बच्चों में पर्यावरण के प्रति रुचि और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से निबंध प्रतियोगिता और चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है।

बच्चों को किया जाएगा पुरस्कृत
क्षेत्रीय पदाधिकारी ने बताया कि इन प्रतियोगिताओं में शामिल होने वाले बच्चों का उत्साहवर्धन करने के लिए उन्हें प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से नवाजा जाएगा। परिषद का यह प्रयास है कि नई पीढ़ी प्रदूषण नियंत्रण के महत्व को समझे और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में अपनी भूमिका निभाए। इसके साथ ही आम जनता को जागरूक करने के लिए परिषद की ओर से पंपलेट भी बांटे गए हैं।
विजेताओं को चुनने के लिए बनी तीन जजों की विशेष टीम
प्रतियोगिता में बच्चों के प्रदर्शन का निष्पक्ष मूल्यांकन करने के लिए तीन अनुभवी विशेषज्ञों का एक जज पैनल बनाया गया है। इस पैनल में शामिल सदस्य सुरेश पासवान भूतपूर्व क्षेत्रीय पदाधिकारी, सत्यप्रकाश: सेवानिवृत्त एएसओ, ओमप्रकाश: चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा बच्चों द्वारा बनाई गई ड्राइंग और लिखे गए निबंधों में से सर्वश्रेष्ठ का चयन कर उन्हें पुरस्कृत करेगी।
उद्योगों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्यक्रम
जितेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में केवल बच्चों के कार्यक्रम ही नहीं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्रों में भी सघन पौधारोपण अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि बीते कल टाटा स्टील द्वारा कीनन स्टेडियम में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया था, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण परिषद के अधिकारी भी शामिल हुए थे।

आज भी टाटा स्टील, चालियामा स्टील प्लांट सहित क्षेत्र के कई अन्य उद्योगों में पौधारोपण के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन सभी कार्यक्रमों में परिषद की ओर से अधिकारी और कर्मचारी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। क्षेत्रीय पदाधिकारी ने आम जनता से भी अपील की कि यदि लोग पंपलेट में दिए गए छोटे-छोटे उपायों को अपने जीवन में अपनाएंगे, तो पर्यावरण को काफी हद तक सुरक्षित रखा जा सकेगा।








