Chaibasa (चाईबासा) : पश्चिमी सिंहभूम जिले में मलेरिया, फाइलेरिया और डेंगू जैसी वेक्टर जनित बीमारियों के प्रसार पर नियंत्रण पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत मच्छरों का संग्रह कर उनकी पहचान की जाएगी और प्राप्त रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेजी जाएगी, ताकि बीमारी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
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इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मंझारी के अंतर्गत बड़ा तोरलो स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र में जोनल मलेरिया कार्यालय रांची, जिला वीबीडी कार्यालय पश्चिमी सिंहभूम एवं सीएचसी मंझारी की संयुक्त टीम ने मच्छरों के घनत्व का सर्वेक्षण किया। टीम ने सुबह 5 बजे बड़ा तोरलो गांव पहुंचकर सहिया, सहिया साथी और एमपीडब्ल्यू के सहयोग से घरों एवं गोहालों से मच्छरों का संग्रह किया।
सर्वेक्षण के दौरान एकत्रित मच्छरों की पहचान कर यह पता लगाया जाएगा कि क्षेत्र में मलेरिया, फाइलेरिया अथवा डेंगू फैलाने वाले मच्छरों की कितनी मौजूदगी है। इसके आधार पर बीमारी के प्रसार को रोकने और नियंत्रण की प्रभावी रणनीति तैयार की जाएगी। तैयार रिपोर्ट राज्य मुख्यालय के साथ-साथ केंद्र स्तर पर भी भेजी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह सर्वेक्षण वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका उद्देश्य मच्छरों की आबादी का आकलन कर बीमारी के जोखिम वाले क्षेत्रों की पहचान करना और समय रहते प्रभावी नियंत्रण उपाय लागू करना है।
कार्यक्रम में जोनल टीम रांची से विनीत सुमन बेक एवं दुकेश, जिला स्वास्थ्य विभाग के वीबीडी कार्यालय से शशि भूषण महतो, जिला वीबीडी सलाहकार बीनू सिंह लागुरी, बुद्धेश्वर महतो, चितरंजन सिंह देव, प्रकाश कोंडाकेल, नागेश्वर महतो, मंगल सिंह गोप, मंझारी से शंभू शंकर गोप, प्रभुनाथ बोयपाई, सहिया अमीना बिरुआ तथा नंदी कोंडाकेल सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।








