चाईबासा: न्याय तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित करने और बंदियों को त्वरित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा के तत्वावधान में स्थानीय मंडल कारा में जेल अदालत एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पश्चिमी सिंहभूम, मौहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
मंडल कारा चाईबासा निरीक्षण: उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा
आयोजित जेल अदालत में बंदियों से जुड़े मामलों की सुनवाई एवं समीक्षा के लिए न्यायिक दंडाधिकारी मंजित साहू की पीठ गठित की गई थी। अदालत के दौरान विभिन्न लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई और उपलब्ध तथ्यों एवं कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर दो मामलों का सफल निष्पादन किया गया। जेल अदालत का मुख्य उद्देश्य बंदियों को शीघ्र न्याय दिलाना तथा न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान मंडल कारा में निरुद्ध पुरुष एवं महिला बंदियों के लिए स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया। शिविर में चिकित्सकों की टीम ने बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की तथा आवश्यक परामर्श और उपचार संबंधी सुझाव दिए। स्वास्थ्य जांच के माध्यम से बंदियों की शारीरिक स्थिति का आकलन किया गया, जिससे समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
डीएलएसए द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना, न्यायिक सहायता उपलब्ध कराना तथा उनके स्वास्थ्य एवं कल्याण को सुनिश्चित करना है। जेल अदालत और स्वास्थ्य शिविर जैसे प्रयास न्यायिक व्यवस्था को अधिक मानवीय और संवेदनशील बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जाते हैं।
इस अवसर पर मंडल कारा के जेल अधीक्षक सुनील कुमार, संबंधित न्यायालय के कर्मचारी, स्वास्थ्य विभाग के प्रतिनिधि तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के समन्वय से किया गया।







