गुवा/किरीबुरू: सारंडा क्षेत्र के करमपदा में आयोजित विशेष ग्रामसभा में ग्रामीणों ने क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की मांग उठाई। बैठक में करमपदा, नोवागांव, भनगांव, थोलकोबाद, धरनादिरी, चेरवालोर, जुम्बईबुरु, बालेहातु और बंकर सहित आसपास के गांवों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए किरीबुरू स्थित विद्यालयों तक पहुंचने में हो रही कठिनाइयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
ग्रामसभा की अध्यक्षता मुखिया लिपि मुंडा ने की। बैठक में सेल किरीबुरू प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक (सीएसआर) सी.के. विश्वाल, सहायक महाप्रबंधक (एचआर) गीता कुमारी, प्रबंधक बी. बासा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। वहीं ग्रामीणों की ओर से राहुल नायक, राजेश, मंगरा, लक्ष्मी कुमारी, बीर सिंह मुंडा, शिक्षक-शिक्षिकाओं और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि फिलहाल सेल द्वारा उपलब्ध कराई गई दोनों स्कूल बसों में बच्चों का समायोजन कर उनकी पढ़ाई निर्बाध जारी रखी जाएगी। साथ ही प्रशासन, शिक्षा विभाग और जनप्रतिनिधियों से करमपदा सरकारी विद्यालय को 10वीं कक्षा तक अपग्रेड करने की मांग करने का निर्णय लिया गया।
ग्रामीणों का कहना था कि यदि करमपदा में ही माध्यमिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो विद्यार्थियों को प्रतिदिन लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इसके साथ ही कक्षा आठ तक की पढ़ाई करमपदा विद्यालय में ही सुनिश्चित करने तथा शिक्षण व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं में सुधार की भी मांग उठाई गई।
ग्रामसभा में यह भी बताया गया कि थोलकोबाद से करमपदा और किरीबुरू के बीच बड़ी आबादी निवास करती है, लेकिन पूरे क्षेत्र में केवल दो सरकारी विद्यालय हैं। इसलिए थोलकोबाद विद्यालय को कम-से-कम आठवीं कक्षा तक उन्नत करने की आवश्यकता बताई गई।
बैठक में प्रस्ताव पारित कर यह भी मांग की गई कि जब तक विद्यालयों का उन्नयन नहीं हो जाता, तब तक डीएमएफटी फंड अथवा सेल प्रबंधन के सहयोग से एक अतिरिक्त स्कूल बस उपलब्ध कराई जाए, ताकि सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित और सुगम परिवहन सुविधा मिल सके।








