Adityapur: आदित्यपुर पुरानी जलापूर्ति योजना में जिंदल’ के मेंटेनेंस कार्य संतोष जनक नही: पुरेन्द्र, 2 अगस्त से आंदोलन का आगाज, विभागीय सचिव से जांच की मांग

आदित्यपुर जलापूर्ति योजना में देरी पर भड़का जनांदोलन

आदित्यपुर। लगभग 395.15 करोड़ रुपये की लागत से बन रही आदित्यपुर बृहद जलापूर्ति योजना आठ वर्ष बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। दिसंबर 2018 में शुरू हुई इस परियोजना को दिसंबर 2021 तक पूर्ण होना था, परंतु निर्माण एजेंसी ‘जिंदल’ की ढिलाई के कारण स्थानीय नागरिकों को अब तक पेयजल की सुविधा नहीं मिल पाई है।

​हालिया समीक्षा बैठक में एजेंसी ने 31 जुलाई से सीतारामपुर डैम स्थित 30 MLD प्लांट से आपूर्ति शुरू करने का दावा किया था। हालांकि, जमीनी स्थिति इसके विपरीत है, जहां इंटेक वेल समेत कई सिविल और मैकेनिकल कार्य अब भी अधूरे पड़े हैं। इसके अतिरिक्त, सपड़ा में प्रस्तावित 60 MLD का नया प्लांट वन विभाग की अनापत्ति (NOC) के पेंच में उलझा हुआ है।

आदित्यपुर जलापूर्ति योजना में देरी पर भड़का जनांदोलन

​दूसरी ओर, 22 MLD सीतारामपुर प्लांट के ऑपरेशन और मेंटेनेंस (O&M) पर भी गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। प्रेस वार्ता में समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व नगर परिषद उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह का आरोप है कि रखरखाव का वार्षिक बजट 1 करोड़ से बढ़ाकर लगभग 3 करोड़ रुपये किए जाने के बावजूद पाइपलाइन लीकेज और अनियमित आपूर्ति की समस्या बनी हुई है। समिति ने जलापूर्ति की गुणवत्ता और रसायन प्रयोग की जांच विभागीय सचिव से कराने की मांग की है।

​31 जुलाई तक पानी न मिलने पर 2 अगस्त से मौन जुलूस से आंदोलन का आगाज

पुरेंद्र नारायण सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि 31 जुलाई तक आदित्यपुर-2 में सुचारू जल वितरण आरंभ नहीं हुआ, तो 2 अगस्त को मौन जुलूस के साथ व्यापक जनांदोलन की शुरुआत की जाएगी।प्रेस वार्ता में उदित यादव , देव प्रकाश, यदुनंदन राम, कुमार बिपिन बिहारी प्रसाद, संतोष यादव, सतेंद्र प्रभात, बिनोद कुमार सिंह,अवधेश कुमार, सिमरन मेहरा आदि उपस्थित रहे

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