Saranda Weather: सारंडा में बारिश और कोहरे का असर, जनजीवन धीमा पड़ा, खेतों में बढ़ी किसानों की रौनक

सारंडा के गुवा, किरीबुरू और मेघाहातुबुरु

गुवा: सारंडा के गुवा, किरीबुरू, मेघाहातुबुरु और आसपास के इलाकों में पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश और घने कोहरे ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। दिनभर आसमान पर बादलों का डेरा रहने और धूप नहीं निकलने से आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। वहीं, दूसरी ओर खेतों में पर्याप्त पानी मिलने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और धान की रोपाई तेज़ी से जारी है।

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सारंडा के गुवा, किरीबुरू और मेघाहातुबुरु

लगातार हो रही बारिश के कारण सुबह से शाम तक ठंडी हवाएं और हल्की फुहारें बनी रहती हैं। घने कोहरे से कई जगहों पर दृश्यता भी कम हो गई है, जिससे आवाजाही करने वालों को सावधानी बरतनी पड़ रही है। कई दिनों से धूप नहीं निकलने के कारण घरों में नमी बढ़ गई है और कपड़े सूखने में काफी समय लग रहा है। लोग पंखे, हीटर और अन्य बिजली के उपकरणों का सहारा लेकर कपड़े सुखाने को मजबूर हैं।

हालांकि यही बारिश खेती-किसानी के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। सारंडा क्षेत्र के खेतों में गोड़ा धान और रोपा धान की रोपाई पूरे जोर-शोर से चल रही है। पर्याप्त पानी मिलने से किसानों को सिंचाई की चिंता नहीं करनी पड़ रही और इस बार बेहतर उत्पादन की उम्मीद भी बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सुबह से शाम तक खेतों में रोपाई कार्य में जुटे हुए हैं।

सारंडा के गुवा, किरीबुरू और मेघाहातुबुरु

बारिश के चलते किरीबुरू और आसपास के क्षेत्रों के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इन दिनों अधिकतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश और कोहरे का सिलसिला जारी रहा तो सामान्य जनजीवन पर इसका असर और बढ़ सकता है। वहीं किसानों का मानना है कि समय पर मिले मानसूनी पानी से इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है।

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