आदित्यपुर: आदित्यपुर थाना क्षेत्र के व्यस्त आशियाना चौक से सोमवार शाम कथित रूप से हथियार के बल पर एक युवक को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने के मामले में पुलिस की तत्परता से कुछ ही घंटों में युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस की सक्रियता से घबराए आरोपित युवक हामिद उर्फ अल्ताफ को तमोलिया में छोड़कर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी में जुटी है।
एसपी के निर्देश पर जिलेभर में नाकेबंदी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जिले के सभी थाना क्षेत्रों में नाकेबंदी और सघन वाहन जांच के निर्देश दिए। एसपी के निर्देश पर पुलिस ने संभावित रास्तों पर निगरानी बढ़ाते हुए वाहनों की जांच शुरू कर दी।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई का असर कुछ ही समय में देखने को मिला और कथित रूप से युवक को लेकर जा रहे आरोपित उसे तमोलिया में छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने युवक को सुरक्षित बरामद कर लिया।
काले रंग की गाड़ी में जबरन बैठाने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम चार-पांच युवक काले रंग की एक गाड़ी से आशियाना चौक पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने सफेद रंग की कार से हामिद उर्फ अल्ताफ को उतारा और जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इसके बाद वे उसे गम्हरिया की ओर लेकर चले गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल संभावित मार्गों पर जांच शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला आपसी रंजिश से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि, घटना की वास्तविक वजह पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बताया गया है कि घटना से पहले अल्ताफ ने आदित्यपुर मुस्लिम बस्ती के कुछ युवकों को फोन कर किसी विवाद की स्थिति में वहां पहुंचने की बात कही थी। पुलिस उसके पुराने आपराधिक एवं सामाजिक संपर्कों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, अल्ताफ करीब पांच वर्ष पूर्व आदित्यपुर में रहता था। उसके बड़े भाई के ब्राउन शुगर की बिक्री के आरोप में जेल जाने की बात भी सामने आई है।
मामा ने लगाया अपहरण का आरोप
युवक के मामा अफसर अली ने हथियार के बल पर अल्ताफ के अपहरण किए जाने का आरोप लगाया था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल के बाद ही घटना की वास्तविक प्रकृति और इसमें शामिल लोगों की भूमिका








