आदित्यपुर: हरतालिका तीज और गणेशोत्सव जैसे महत्वपूर्ण पर्व के बीच सोमवार शाम अचानक पूरा आदित्यपुर-1 क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। शाम करीब 6 बजे जुगसलाई फीडर की 11 केवी अंडरग्राउंड केबल में जोरदार धमाके के साथ ब्लास्ट होने से विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तकनीकी खराबी के कारण इलाके में चार घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
एक ओर घर-घर में हरतालिका तीज की विधिवत पूजा चल रही थी, वहीं दूसरी ओर गणेश पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। ऐसे में अचानक बिजली चले जाने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और परेशानी का माहौल बन गया।
निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं की बढ़ी परेशानी
त्योहार के मौके पर बिजली गुल होने का सबसे ज्यादा असर हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं पर पड़ा। उमस भरी गर्मी के बीच घंटों बिजली नहीं रहने से व्रती महिलाओं को काफी परेशानी हुई। कई घरों में अंधेरे के बीच पूजा-अर्चना पूरी करनी पड़ी।
वहीं, इन दिनों स्कूली परीक्षाएं भी चल रही हैं। लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। कई विद्यार्थी लालटेन, इमरजेंसी लाइट और मोबाइल की रोशनी के सहारे परीक्षा की तैयारी करते नजर आए।
वैकल्पिक फीडर से जोड़ने का प्रयास
विद्युत विभाग की ओर से टेलीफोनिक जानकारी देते हुए बताया गया कि जुगसलाई फीडर की केबल क्षतिग्रस्त होने के बाद विद्युत आपूर्ति बहाल करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत क्षेत्र को दूसरे फीडर से जोड़ने का कार्य युद्धस्तर पर चलाया गया।
हालांकि, देर रात खबर लिखे जाने तक क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी थी। विभागीय कर्मचारी खराबी दूर करने और वैकल्पिक माध्यम से आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे।
मेंटेनेंस और केबल की गुणवत्ता पर उठे सवाल
त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने की इस घटना ने एक बार फिर विद्युत विभाग की मेंटेनेंस व्यवस्था और अंडरग्राउंड केबल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि केबल पंक्चर और ब्लास्ट की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
लोगों ने मांग की है कि विद्युत विभाग नियमित रूप से अंडरग्राउंड केबल और अन्य विद्युत उपकरणों की जांच करे, ताकि त्योहारों के दौरान बार-बार होने वाली बिजली कटौती से आम लोगों को राहत मिल सके।








