आदित्यपुर: दुर्गा पूजा के पावन पर्व पर आदित्यपुर नगर निगम के अजीबोगरीब आदेश ने आस्थावानों और शहरवासियों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
निगम प्रशासन ने पूजा पंडालों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई के नाम पर पूजा कमेटियों से मनमाना शुल्क वसूलने का फरमान जारी किया है।
निगम द्वारा तय दरों के अनुसार:
* जेसीबी: ₹950 प्रति घंटा
* ट्रैक्टर: ₹700 प्रति घंटा
* सफाई कर्मी: ₹550 प्रति घंटा
इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष अंबुज कुमार ने मोर्चा खोल दिया है। पूजा पंडाल से सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है मानो निगम में बैठी विरोधी ताकतें सीधे तौर पर सनातन आस्था पर प्रहार कर रही हैं। जिस राज्य में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करते हैं, वहां बिना किसी बोर्ड बैठक और पार्षदों को विश्वास में लिए यह जनविरोधी फैसला किसके इशारे पर थोपा गया?
अंबुज कुमार ने पड़ोसी राज्यों की मिसाल देते हुए कहा कि बंगाल समेत अन्य राज्यों में सरकारें पूजा कमेटियों को आर्थिक अनुदान और सहयोग देती हैं। इसके विपरीत, आदित्यपुर नगर निगम जनता से नियमित टैक्स और कचरा शुल्क वसूलने के बाद भी श्रद्धा के पर्व को कमाई का जरिया बना रहा है। पूजा समितियां घर-घर जाकर चंदा जुटाती हैं और सेवा भाव से समाज को जोड़ती हैं, ऐसे में यह आदेश हेमंत सरकार की छवि बिगाड़ने की सोची-समझी साजिश है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जिम्मेदार अधिकारी तुरंत शहरवासियों से माफी मांगें और इस आदेश को तत्काल रद्द करें। यदि फैसला वापस नहीं लिया गया, तो उपायुक्त और नगर आयुक्त कार्यालय के समक्ष जोरदार आंदोलन छेड़ा जाएगा।








